Holi Tradition Ubtan: होली 2026 के आने में अब ज्यादा दिन नहीं बचे हैं और आज होलिका दहन है। आमतौर पर होलिका दहन के अगले दिन होली मनाई जाती है, लेकिन कई सालों बाद इस बार होली अगले दिन नहीं बल्कि एक दिन बाद मनाई जाएगी। वैसे तो होली पर रंग और गुलाल खेलने के साथ-साथ देश के लगभग सभी राज्यों में घरों में कई तरह के पारंपरिक पकवान बनाए जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उत्तर भारत के कुछ राज्यों में होलिका दहन से पहले एक खास तरह का उबटन, जिसे बुकवा कहा जाता है, लगाने की परंपरा है? आइए जानते हैं बुकवा लगाने का पारंपरिक महत्व, इसके फायदे, इसे बनाने और लगाने का सही तरीका।
बुकवा लगाने का धार्मिक महत्व
होलिका दहन से एक दिन पहले शरीर पर बुकवा लगाकर मसाज किया जाता है। मसाज के दौरान जो उबटन शरीर से झड़कर गिरता है, उसे इकट्ठा करके होलिका की अग्नि में डाल दिया जाता है। मान्यता है कि इससे शरीर की गंदगी और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। कई जगहों पर इसे शुद्धिकरण की रस्म माना जाता है। लोगों का विश्वास है कि इससे बुरी शक्तियां अग्नि में जलकर नष्ट हो जाती हैं और जीवन में नई और सकारात्मक शुरुआत होती है।
त्वचा के लिए क्यों फायदेमंद है बुकवा
बुकवा लगाना सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि त्वचा के लिए भी लाभकारी माना जाता है। यह त्वचा की गहराई से सफाई करता है और रोमछिद्र खोलकर अंदर की गंदगी निकालने में मदद करता है। इससे त्वचा मुलायम और साफ बनती है। सरसों के गुण रंगों से होने वाली जलन और संक्रमण से बचाने में सहायक होते हैं। साथ ही, पहले से बुकवा लगाने पर होली के रंग त्वचा पर ज्यादा नहीं चिपकते और बाद में आसानी से उतर जाते हैं।
घर पर ऐसे बनाएं बुकवा
बुकवा बनाने का तरीका आसान है, लेकिन इसमें थोड़ा समय लगता है। सबसे पहले काले सरसों के दानों को हल्का उबाल लें। इसके बाद उन्हें धूप में अच्छी तरह सुखा लें। जब दाने पूरी तरह सूख जाएं, तो उन्हें सिल-बट्टे पर बारीक पीस लें। अगर काली सरसों उपलब्ध न हो तो पीली सरसों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। आप चाहें तो मिक्सी में भी पीस सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा पानी न डालें, वरना पेस्ट पतला हो जाएगा।
बुकवा लगाने का सही तरीका
थोड़ा सा बुकवा हाथ में लेकर पूरे शरीर पर अच्छे से मलें और हल्के हाथों से मसाज करें। इसके बाद सरसों का तेल लगाकर इसे रगड़ते हुए छुड़ा लें। कुछ लोग इसके बाद स्नान करते हैं, जबकि कई लोग बिना नहाए ही इसे छोड़ देते हैं क्योंकि उनका मानना है कि इससे शरीर पर रंग कम चिपकता है। ध्यान दें, अगर आपकी स्किन बहुत सेंसिटिव है तो पहले थोड़ा सा लगाकर चेक कर लें।


