संभल में होली के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने फुट पेट्रोलिंग भी की। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि इस बार होली पर किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनपद में कुल 1215 होलिका दहन स्थल चिन्हित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, 64 स्थानों पर जुलूस और मेलों का आयोजन प्रस्तावित है। इन सभी स्थलों का मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों द्वारा पहले ही दौरा किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने बताया कि होलिका दहन की दो परंपराएं हैं: एक निर्धारित तिथि की रात को और दूसरी धुलेंडी की सुबह भोर में। दोनों ही अवसरों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 27 क्विक रिस्पॉन्स टीमों का गठन किया गया है। होली से पहले एहतियातन बड़ी संख्या में लोगों को पाबंद किया गया है। पहले यह संख्या 650 थी, जो अब बढ़कर 1000 से अधिक हो गई है। आवश्यकता पड़ने पर पुराने पाबंद व्यक्तियों का भी सत्यापन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य पिछले वर्ष की तरह इस बार भी शांतिपूर्ण और घटना-मुक्त होली सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि सभी जुलूस ‘बॉक्स फॉर्मेशन’ में निकाले जाएंगे और आयोजकों को अपने साथ स्वयंसेवक रखने के निर्देश दिए गए हैं। जुलूसों की निगरानी ड्रोन कैमरों के माध्यम से की जाएगी। इसके साथ ही, इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर से भी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। सभी 1215 होलिका दहन स्थलों पर बीट पुलिस अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए तीन कंपनी पीएसी, 200 रिक्रूट कांस्टेबल और जनपद की अतिरिक्त फोर्स तैनात रहेगी। निरिक्षण में एडीएम प्रदीप वर्मा, एएसपी कुलदीप सिंह, संभल एसडीएम रामानुज, तहसीलदार संभल धीरेंद्र कुमार सिंह, पालिका ईओ डॉ. मणिभूषण तिवारी के अलावा विद्युत विभाग के अधिकारी मौजूद रहें।जिलाधिकारी ने बाजार में रंग, गुलाल और पिचकारी बेच रहे लोगों से भी बातचीत की। प्रशासन का कहना है कि बाजारों में उत्साह का माहौल है और लोग अपने काम में लगे हैं।


