राज्यसभा के पास सीटों के चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा को दिल्ली बुलाया गया है। जानकारी के अनुसार वे दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं, जहां उनकी मुलाकात भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं से हो सकती है। राज्यसभा चुनाव को लेकर चल रही अटकलों के बीच कुशवाहा का यह दिल्ली दौरा खासा अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार इस मुलाकात में राज्यसभा उम्मीदवारी, आगामी चुनावी रणनीति और बिहार में गठबंधन की मजबूती जैसे मुद्दों पर चर्चा संभव है। राज्यसभा की चर्चा से बढ़ी सरगर्मी बिहार में राज्यसभा की संभावित सीटों को लेकर सियासी दलों के बीच अंदरखाने मंथन जारी है। ऐसे में उपेंद्र कुशवाहा का दिल्ली दौरा इस बात के संकेत दे रहा है कि राष्ट्रीय स्तर पर कुछ बड़े राजनीतिक फैसले लिए जा सकते हैं। हालांकि, अभी तक न तो आरएलएम की ओर से और न ही बीजेपी की तरफ से किसी आधिकारिक बयान की पुष्टि हुई है। मर्जर की अटकलें भी तेज इधर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा और भारतीय जनता पार्टी के बीच संभावित विलय (मर्जर) की खबरें भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। पिछले कुछ समय से दोनों दलों के बीच बढ़ती नजदीकियों को इसी कड़ी में देखा जा रहा है। आगामी दिनों में दोनों पार्टी के औपचारिक विलय को लेकर के भी निर्णय लिया जा सकता है। बिहार के 5 सीटों पर चल रही मंथन भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार और पश्चिम बंगाल सहित 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा कर दी है, जिनमें बिहार की 5 सीटें भी शामिल हैं। इन सीटों के लिए आधिकारिक अधिसूचना 26 फरवरी 2026 को जारी की गई और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च तय की गई है। मतदान और मतगणना दोनों प्रक्रियाएं 16 मार्च 2026 को संपन्न होंगी। बिहार के इन सांसद का कार्यकाल हो रहा खत्म बिहार में जिन 5 सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है, उनमें राज्यसभा उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, रामनाथ ठाकुर (JDU), प्रेम चंद्र गुप्ता, अमरेंद्र धारी सिंह (RJD) और उपेंद्र कुशवाहा (RLM) शामिल हैं। इन सीटों पर जीत के लिए एनडीए और विपक्षी महागठबंधन अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। राज्यसभा के पास सीटों के चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा को दिल्ली बुलाया गया है। जानकारी के अनुसार वे दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं, जहां उनकी मुलाकात भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं से हो सकती है। राज्यसभा चुनाव को लेकर चल रही अटकलों के बीच कुशवाहा का यह दिल्ली दौरा खासा अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार इस मुलाकात में राज्यसभा उम्मीदवारी, आगामी चुनावी रणनीति और बिहार में गठबंधन की मजबूती जैसे मुद्दों पर चर्चा संभव है। राज्यसभा की चर्चा से बढ़ी सरगर्मी बिहार में राज्यसभा की संभावित सीटों को लेकर सियासी दलों के बीच अंदरखाने मंथन जारी है। ऐसे में उपेंद्र कुशवाहा का दिल्ली दौरा इस बात के संकेत दे रहा है कि राष्ट्रीय स्तर पर कुछ बड़े राजनीतिक फैसले लिए जा सकते हैं। हालांकि, अभी तक न तो आरएलएम की ओर से और न ही बीजेपी की तरफ से किसी आधिकारिक बयान की पुष्टि हुई है। मर्जर की अटकलें भी तेज इधर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा और भारतीय जनता पार्टी के बीच संभावित विलय (मर्जर) की खबरें भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। पिछले कुछ समय से दोनों दलों के बीच बढ़ती नजदीकियों को इसी कड़ी में देखा जा रहा है। आगामी दिनों में दोनों पार्टी के औपचारिक विलय को लेकर के भी निर्णय लिया जा सकता है। बिहार के 5 सीटों पर चल रही मंथन भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार और पश्चिम बंगाल सहित 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा कर दी है, जिनमें बिहार की 5 सीटें भी शामिल हैं। इन सीटों के लिए आधिकारिक अधिसूचना 26 फरवरी 2026 को जारी की गई और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च तय की गई है। मतदान और मतगणना दोनों प्रक्रियाएं 16 मार्च 2026 को संपन्न होंगी। बिहार के इन सांसद का कार्यकाल हो रहा खत्म बिहार में जिन 5 सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है, उनमें राज्यसभा उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, रामनाथ ठाकुर (JDU), प्रेम चंद्र गुप्ता, अमरेंद्र धारी सिंह (RJD) और उपेंद्र कुशवाहा (RLM) शामिल हैं। इन सीटों पर जीत के लिए एनडीए और विपक्षी महागठबंधन अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।


