US-Iran तनाव का असर, Dubai में फंसीं PV Sindhu का All England Championship खेलना मुश्किल

US-Iran तनाव का असर, Dubai में फंसीं PV Sindhu का All England Championship खेलना मुश्किल

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु का मंगलवार से यहां शुरू होने वाली अखिल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप से बाहर रहना तय है क्योंकि अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद खाड़ी क्षेत्र में हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण वह दुबई में फंस गई हैं।
खिलाड़ियों के यात्रा संबंधी बाधाओं ने सुपर इस 1000 प्रतियोगिता की तैयारियों को बुरी तरह प्रभावित किया है। सिंधु शनिवार से दुबई में फंसी हुई हैं क्योंकि ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई के कारण उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
सिंधु और उनके कोच इंडोनेशिया के इरवानस्याह आदि प्रतामा दुबई में फंसे हुए हैं। वह उनके ठहरने के स्थान के करीब हुए विस्फोट में बाल-बाल बच गए थे। खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने के कारण उन्हें बाद में एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
 टूर्नामेंट से हटना पड़ेगाभारतीय स्टार खिलाड़ी को पहले दौर में थाईलैंड की सुपानिडा कटेथोंग का सामना करना था, लेकिन दुबई के हवाई क्षेत्र और हवाई अड्डे के बंद रहने के कारण उन्हें टूर्नामेंट से हटना पड़ेगा।
विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) भी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है तथा देर से पहुंचने वाले खिलाड़ियों की मदद करने के लिए तैयार है।
सिंधु की टूर्नामेंट में भागीदारी अभी अनिश्चित है, लेकिन भारत के कुछ अन्य खिलाड़ी सिंगापुर और अफ्रीका के वैकल्पिक मार्गों से बर्मिंघम पहुंच गए हैं। हालांकि यह देखना बाकी है कि लंबी और थका देने वाली यात्रा उनकी तैयारियों को कितना प्रभावित करेगी।
भारत के शीर्ष पुरुष एकल खिलाड़ी लक्ष्य सेन और उभरते युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी यात्रा संबंधी किसी भी तरह की समस्या के बिना यहां पहुंच गए हैं। लक्ष्य का पहले दौर में मुकाबला चीन के विश्व के नंबर एक खिलाड़ी शी यु ची से होगा, जबकि आयुष इंडोनेशिया के अलवी फरहान के खिलाफ खेलेंगे।
लक्ष्य के लिए पहले दौर की चुनौती बड़ी मुश्किल होगी क्योंकि वह चीन के खिलाड़ी से पिछले पांच मुकाबलों में से चार में हार चुके हैं। आयुष को भी फरहान से पांच मुकाबलों में से तीन में हार का सामना करना पड़ा है, जिसमें जनवरी में इंडोनेशिया मास्टर्स का मुकाबला भी शामिल है।
महिला एकल वर्ग में मालविका बंसोड़ को तोक्यो ओलंपिक चैंपियन चीन की चेन युफेई के खिलाफ कड़ी शुरुआती चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
उन्नति हुडा अफ्रीका के रास्ते यहां पहुंची है और उन्हें अपने पहले मैच में थाईलैंड की आठवीं वरीयता प्राप्त पोर्नपावी चोचुवोंग से भिड़ने पर जेट लैग से उबरने की जरूरत होगी।
पुरुष युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी पहले दौर में मलेशिया के कांग खाई जिंग और आरोन ताई के खिलाफ खेलेंगे।
महिला युगल में त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद का सामना जापान की सायका हिरोटा और अयाको सकुरामोतो से होगा।
मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीशा क्रास्टो का मुकाबला मलेशिया के हू पांग रॉन और चेंग सु यिन से, जबकि रोहन कपूर और रुत्विका शिवानी गड्डे का फ्रांस के थॉम गिक्वेल और डेल्फिन डेलरू से होगा।
प्रकाश पादुकोण (1980) और पुलेला गोपीचंद (2001) ही ऐसे भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने ऑल इंग्लैंड का खिताब जीता है। हाल के वर्षों में केवल साइना नेहवाल (2015 उपविजेता) और लक्ष्य (2022 उपविजेता) ही इसके करीब पहुंच पाए। 

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु का मंगलवार से यहां शुरू होने वाली अखिल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप से बाहर रहना तय है क्योंकि अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद खाड़ी क्षेत्र में हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण वह दुबई में फंस गई हैं।
खिलाड़ियों के यात्रा संबंधी बाधाओं ने सुपर इस 1000 प्रतियोगिता की तैयारियों को बुरी तरह प्रभावित किया है। सिंधु शनिवार से दुबई में फंसी हुई हैं क्योंकि ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई के कारण उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
सिंधु और उनके कोच इंडोनेशिया के इरवानस्याह आदि प्रतामा दुबई में फंसे हुए हैं। वह उनके ठहरने के स्थान के करीब हुए विस्फोट में बाल-बाल बच गए थे। खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने के कारण उन्हें बाद में एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

 टूर्नामेंट से हटना पड़ेगा

भारतीय स्टार खिलाड़ी को पहले दौर में थाईलैंड की सुपानिडा कटेथोंग का सामना करना था, लेकिन दुबई के हवाई क्षेत्र और हवाई अड्डे के बंद रहने के कारण उन्हें टूर्नामेंट से हटना पड़ेगा।
विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) भी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है तथा देर से पहुंचने वाले खिलाड़ियों की मदद करने के लिए तैयार है।
सिंधु की टूर्नामेंट में भागीदारी अभी अनिश्चित है, लेकिन भारत के कुछ अन्य खिलाड़ी सिंगापुर और अफ्रीका के वैकल्पिक मार्गों से बर्मिंघम पहुंच गए हैं। हालांकि यह देखना बाकी है कि लंबी और थका देने वाली यात्रा उनकी तैयारियों को कितना प्रभावित करेगी।
भारत के शीर्ष पुरुष एकल खिलाड़ी लक्ष्य सेन और उभरते युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी यात्रा संबंधी किसी भी तरह की समस्या के बिना यहां पहुंच गए हैं।

लक्ष्य का पहले दौर में मुकाबला चीन के विश्व के नंबर एक खिलाड़ी शी यु ची से होगा, जबकि आयुष इंडोनेशिया के अलवी फरहान के खिलाफ खेलेंगे।
लक्ष्य के लिए पहले दौर की चुनौती बड़ी मुश्किल होगी क्योंकि वह चीन के खिलाड़ी से पिछले पांच मुकाबलों में से चार में हार चुके हैं। आयुष को भी फरहान से पांच मुकाबलों में से तीन में हार का सामना करना पड़ा है, जिसमें जनवरी में इंडोनेशिया मास्टर्स का मुकाबला भी शामिल है।
महिला एकल वर्ग में मालविका बंसोड़ को तोक्यो ओलंपिक चैंपियन चीन की चेन युफेई के खिलाफ कड़ी शुरुआती चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
उन्नति हुडा अफ्रीका के रास्ते यहां पहुंची है और उन्हें अपने पहले मैच में थाईलैंड की आठवीं वरीयता प्राप्त पोर्नपावी चोचुवोंग से भिड़ने पर जेट लैग से उबरने की जरूरत होगी।

पुरुष युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी पहले दौर में मलेशिया के कांग खाई जिंग और आरोन ताई के खिलाफ खेलेंगे।
महिला युगल में त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद का सामना जापान की सायका हिरोटा और अयाको सकुरामोतो से होगा।
मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीशा क्रास्टो का मुकाबला मलेशिया के हू पांग रॉन और चेंग सु यिन से, जबकि रोहन कपूर और रुत्विका शिवानी गड्डे का फ्रांस के थॉम गिक्वेल और डेल्फिन डेलरू से होगा।
प्रकाश पादुकोण (1980) और पुलेला गोपीचंद (2001) ही ऐसे भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने ऑल इंग्लैंड का खिताब जीता है। हाल के वर्षों में केवल साइना नेहवाल (2015 उपविजेता) और लक्ष्य (2022 उपविजेता) ही इसके करीब पहुंच पाए।

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