स्ट्रेचर, व्हीलचेयर खुद धका पाएं, तो ही मरीजों को एमवायएच ले जाएं

स्ट्रेचर, व्हीलचेयर खुद धका पाएं, तो ही मरीजों को एमवायएच ले जाएं

इंदौर। एमवाय अस्पताल में व्यवस्थाएं बीमार हैं। चूहे, बिल्लियों से संक्रमण का खतरा तो है ही, गंभीर मरीजों को कैजुअल्टी, वार्ड या ओपीडी में ले जाने वाले कर्मचारी भी नहीं हैं। रविवार को अस्पताल के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। परिजन खुद मरीजों को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर पर ले जाते नजर आए। स्ट्रेचर और व्हीलचेयर दोनों अस्पताल के ही थे, लेकिन उन्हें ले जाने के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया। कैजुअल्टी इंचार्ज और आउटसोर्सिंग कंपनी के इंचार्ज को नोटिस जारी किया है। अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया मामला संज्ञान में है। वीडियो शनिवार का बताया जा रहा है। स्ट्रेचर वाला मरीज ओपीडी से कैजुअल्टी की ओर लाया जा रहा था। जैसे ही वार्ड बॉय ने देखा, वह मौके पर पहुंचा और मरीज को अंदर ले गया। दूसरे वीडियो में व्हीलचेयर पर लाया गया मरीज एम्बुलेंस द्वारा गेट पर छोड़ा गया था। परिजन उसे कैजुअल्टी तक लेकर पहुंचे। इसके बाद अस्पताल स्टाफ ने मरीज को अंदर भर्ती किया। ओपीडी में कर्मचारियों की कोई व्यवस्था नहीं मरीजों के लिए कैजुअल्टी में तीन शिफ्ट में 8-8 कर्मचारी तैनात रहते हैं। यहां गंभीर और इमरजेंसी मरीजों के कारण स्ट्रेचर व व्हीलचेयर के साथ स्टाफ उपलब्ध रहता है। वहीं ओपीडी में ऐसी कोई नियमित व्यवस्था नहीं है। यहां एक सहायता संस्था द्वारा स्ट्रेचर और व्हीलचेयर उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर उनका उपयोग किया जा सके।

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