प्रदेश की 8 लाख बेटियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारी से बचाने के लिए मुफ्त एनपीवी टीकाकरण अभियान शनिवार से शुरू हुआ। शुरुआत कमजोर रही। बड़ा कारण स्कूल की परीक्षाएं सामने आया। परिजन बेटियों को वैक्सीन लगवाने से बच रहे हैं। पहले दिन 52 जिलों में कुल कवरेज 0.24% रहा। 8 जिलों में जीरो-डोज की स्थिति रही। दूसरे दिन भी रफ्तार कम रही। प्रदेश में सिर्फ 981 बच्चियों को टीके लगे। रविवार को आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, आगर मालवा, दमोह, अशोक नगर में एक भी टीका नहीं लग पाया। अभियान 90 दिनों का है। पहले दिन 1,965 और दूसरे दिन 981 बच्चियों को ही वैक्सीन लग पाई। पहले दिन बालाघाट 244 टीकों के साथ 1.57% कवरेज पर सबसे आगे रहा। इंदौर में पहले दिन 28 बच्चियों को वैक्सीन लगी। दूसरे दिन 18 बच्चियों को टीके लगे। निवाड़ी में एक और गुना में सिर्फ 2 को लगे टीके
कई जिलों में टीकाकरण बेहद धीमा रहा। गुना में केवल 2 बच्चों को टीका लगा। कवरेज 0.01% रहा। निवाड़ी में 1 बच्ची को टीका लगा। कवरेज 0.02% रहा। सीधी में 4 बच्चों को वैक्सीन लगी। कवरेज 0.02% रहा। बुरहानपुर में 3 टीके लगे। कवरेज 0.03% रहा। झाबुआ में 7 टीके लगे। कवरेज 0.03% रहा। शाजापुर में 3 टीके लगे। कवरेज 0.03% रहा। आलीराजपुर में 4 टीके लगे। कवरेज 0.03% रहा। इसमें इंदौर संभाग के जिलों की संख्या अधिक रही। 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं को लगना है यह टीका
एनपीवी टीकाकरण रोज सुबह 9 से 2 बजे तक शा. स्वास्थ्य संस्थानों में हो रहे है। 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं को टीका लगाया जाना है। अभिभावक की सहमति जरूरी है। टीका लगने के बाद 30 मिनट तक निगरानी में रखा जाएगा। डॉक्टरों के मुताबिक इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, सिरदर्द जैसे हल्के दुष्प्रभाव सामान्य हैं। इस कारण अभिभावक वैक्सीन लगवाने से बच रहे हैं।


