शिवचरण माथुर जन्म शताब्दी समारोह में बोले सचिन पायलट:पहले मुखिया 70 प्रतिशत प्रशासनिक काम करते थे, अब 90 फीसदी राजनीति करते हैं

शिवचरण माथुर जन्म शताब्दी समारोह में बोले सचिन पायलट:पहले मुखिया 70 प्रतिशत प्रशासनिक काम करते थे, अब 90 फीसदी राजनीति करते हैं

कांग्रेस महासचिव व पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद सरकार बनाने का उद्देश्य केवल सत्ता सुख नहीं होना चाहिए। मुखिया को कम से कम 70% समय प्रशासन, क्रियान्वयन और विकास कार्यों में देना चाहिए। बाकी 30% समय में राजनीति सबको करनी चाहिए, लेकिन आज मुखिया का 80-90% समय राजनीति में ही चला जाता है। अपनी गोटी कैसे और कहां फिट करनी है, इसी में ऊर्जा लगती है। उन्होंने कहा कि बीते कुछ वक्त में पॉलिसी मेकिंग का काम कुछ चुनिंदा अधिकारियों पर आउटसोर्स कर दिया गया है। वही दिशा तय करने लगते हैं। आज देश में बहुत कम ऐसे नेता बचे हैं, जो अपनी सोच और एजेंडे के साथ आगे बढ़कर लक्ष्य हासिल करते हैं। पायलट पूर्व मुख्यमंत्री शिवचरण माथुर के जन्म शताब्दी वर्ष के मौके पर कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में रविवार को आयोजित स्मृति समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर स्व. शिवचरण माथुर की पुत्र वंदना माथुर, परिवार की सदस्य विभा माथुर, पूर्व मंत्री बीडी कल्ला, विधायक अमीन कागजी आदि मौजूद थे। कांग्रेस सांसद हरीश मीणा ने कहा कि आज की राजनीति में हालात ऐसे हो गए हैं कि शिवचरण माथुर जैसे नेता सरपंच तक नहीं बन पाते। मीणा ने कहा कि आज विधायक और सांसद बनते ही कोठियां और फार्म हाउस खड़े हो जाते हैं। उनकी इसी बात पर पायलट ने कहा- जमाना बदल गया है, लेकिन सारा दोष केवल नेताओं पर मढ़ना उचित नहीं है। मकान और बंगले सिर्फ विधायकों-सांसदों के ही नहीं, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के भी कम नहीं हैं। इस पर भी बात होनी चाहिए। माथुर की सादगी और ईमानदारी सबके लिए उदाहरण
सचिन पायलट ने कहा कि शिवचरण माथुर सरल और मधुर स्वभाव के नेता थे। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और सादगी के साथ किया गया उनका कार्य सभी के लिए उदाहरण है। पायलट ने अपने पिता स्वर्गीय राजेश पायलट के साथ उनके संबंधों को याद करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को माथुर से सीख लेकर समझना चाहिए कि कलम और नीति-निर्माण की ताकत का उपयोग किस तरह प्रदेश और देश के विकास के लिए किया जा सकता है। कार्यक्रम में वंदना माथुर ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके पिता ने जीवनभर सिद्धांतों और जनसेवा को प्राथमिकता दी तथा राजनीति को समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान का माध्यम माना। कार्यक्रम में विभा माथुर ने कहा कि शिवचरण माथुर मार्गदर्शक और मूल्यों की सीख देने वाले व्यक्तित्व थे और उनकी सादगी व अनुशासन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं। कार्यक्रम में शिवचरण माथुर के राजनीतिक सफर पर आधारित फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई।

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