होली पर्व का इंतजार थम चुका है और स्वर्णनगरी का माहौल पूरी तरह रंगीन मोड में आ चुका है। बाजारों की रफ्तार बढ़ गई है, गलियों में रंगों की खुशबू तैर रही है और लोगों के चेहरों पर त्योहार की चमक साफ दिखाई दे रही है। परंपरा और ट्रेंड का संगम इस बार होली को खास बना रहा है।
शहर के प्रमुख बाजारों में रंग-गुलाल और पिचकारियों की सजी हुई दुकानें ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। विभिन्न गुणवत्ता वाली गुलाल उपलब्ध है। खास बात यह है कि इत्र मिश्रित सुगंधित गुलाल की मांग तेजी से बढ़ी है। लोग अब सिर्फ रंग नहीं, खुशबू भी चुन रहे हैं। बच्चों के लिए बाजार किसी फन जोन से कम नहीं। 60 रुपए से लेकर 1200 रुपए तक की पिचकारियां बिक्री के लिए सजी हैं।
टैंक स्टाइल, गन स्टाइल और कार्टून थीम आधारित पिचकारियां बच्चों की पहली पसंद बनी हुई हैं। स्पाइडरमैन, छोटा भीम, डोरेमोन और शक्तिमान जैसे किरदारों के मास्क और रंग-बिरंगे विग भी खास आकर्षण बने हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग पहले ही खरीदारी में जुट गए थे, शहरी परिवारों के कारण बाजारों की रौनक कई गुना बढ़ गई है।


