मधुबनी में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक हुई। यह बैठक जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति/जनजाति के अत्याचार के मामलों में पीड़ितों को राहत राशि और अन्य देय सुविधाएं उपलब्ध कराने की विस्तृत समीक्षा करना था। जिलाधिकारी ने सभी लंबित मामलों का समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकारी दिशानिर्देशों के तहत सभी पीड़ितों को देय राहत राशि का भुगतान हर हाल में समय पर किया जाए। जिलाधिकारी ने विशेष लोक अभियोजक को लंबित मामलों का त्वरित गति से निष्पादन करने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने लंबित और निष्पादित मामलों से संबंधित रिपोर्ट बैठक से पहले जिला कल्याण पदाधिकारी को उपलब्ध कराने को कहा। बैठक में उपस्थित सदस्यों के सुझावों पर विचार करते हुए, जिलाधिकारी ने जिला कल्याण पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को बैठक में हुई चर्चा के सभी बिंदुओं का समय पर अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इस समिति का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों पर होने वाले अत्याचारों की रोकथाम करना, पीड़ितों को सहायता, मुआवजा और न्याय दिलाना तथा इन मामलों की निगरानी करना है। बैठक में अपर समाहर्ता मुकेश रंजन, जिला कल्याण पदाधिकारी और समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे। मधुबनी में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक हुई। यह बैठक जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति/जनजाति के अत्याचार के मामलों में पीड़ितों को राहत राशि और अन्य देय सुविधाएं उपलब्ध कराने की विस्तृत समीक्षा करना था। जिलाधिकारी ने सभी लंबित मामलों का समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकारी दिशानिर्देशों के तहत सभी पीड़ितों को देय राहत राशि का भुगतान हर हाल में समय पर किया जाए। जिलाधिकारी ने विशेष लोक अभियोजक को लंबित मामलों का त्वरित गति से निष्पादन करने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने लंबित और निष्पादित मामलों से संबंधित रिपोर्ट बैठक से पहले जिला कल्याण पदाधिकारी को उपलब्ध कराने को कहा। बैठक में उपस्थित सदस्यों के सुझावों पर विचार करते हुए, जिलाधिकारी ने जिला कल्याण पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को बैठक में हुई चर्चा के सभी बिंदुओं का समय पर अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इस समिति का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों पर होने वाले अत्याचारों की रोकथाम करना, पीड़ितों को सहायता, मुआवजा और न्याय दिलाना तथा इन मामलों की निगरानी करना है। बैठक में अपर समाहर्ता मुकेश रंजन, जिला कल्याण पदाधिकारी और समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।


