फतेहपुर जिले के बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के आलियबाद गांव में 50 वर्षीय शिक्षामित्र और बीएलओ अखिलेश सविता के आत्महत्या प्रकरण में नया मोड़ आ गया है। परिजनों ने जिला प्रशासन द्वारा किए गए वादों को पूरा न करने का आरोप लगाते हुए रविवार को शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। अखिलेश सविता ने 8 मार्च को अपनी बेटी की शादी के लिए छुट्टी न मिलने पर प्राथमिक विद्यालय के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। शनिवार रात को एडीएम अवनीश त्रिपाठी और अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र पाल सिंह ने परिजनों से वार्ता कर बेटी की शादी के लिए 7 लाख 50 हजार रुपये नकद और परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने का वादा किया था। रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद जब परिजन शव लेकर गांव पहुंचे, तो उन्होंने प्रशासन से किए गए वादों को लिखित में पूरा करने की मांग की। मांग पूरी न होने पर उन्होंने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। सूचना मिलने पर बिंदकी विधानसभा से अपना दल (एस) के विधायक जय कुमार जैकी पीड़ित परिवार को समझाने पहुंचे। परिवार के सदस्यों ने विधायक से जिला प्रशासन द्वारा दिए गए वादों का लिखित पत्र मांगा। करीब चार घंटे तक चले हंगामे के बाद, जिला प्रशासन ने 7 लाख रुपये की व्यवस्था की और मृतक की बेटी को सौंपे। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए। इस दौरान विधायक जय कुमार जैकी ने परिजनों के सामने कहा कि एसडीएम को छुट्टी दे देनी चाहिए थी, उन्होंने गलत किया है। उन्होंने जोर दिया कि जिस घर में शादी हो, उस पर बड़ी जिम्मेदारी होती है। विधायक ने इस पूरे मामले की जांच का आश्वासन भी दिया। मृतक परिवार से मिलने पहुंचे राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य शिवाकांत तिवारी ने पीड़ित परिवार को 21 हजार रुपये का चेक दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जिला प्रशासन की तरह वादे नहीं करती, बल्कि जो देना होता है, वह तुरंत देती है। तिवारी ने यह भी बताया कि एसआईआर कार्य में लगे कर्मियों की यह दूसरी मौत है। इसके पहले 25 नबंर 2025 को खजुहा कस्बे के रहने वाले लेखपाल सुधीर कुमार कोरी ने अपनी शादी के लिए छुट्टी नही मिलने पर शादी के एक दिन पहले घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया था। उसी तरह अखिलेश सविता की बेटी दिव्यांशी की शादी 8 मार्च 2026 को होनी है और मृतक एसडीएम से छुट्टी मांग रहा था लेकिन छुट्टी नही दिया जाने पर आत्महत्या करने से पहले सुसाइड नोट लिखकर जान दे दिया।इस मामले दोषी एसडीएम पर कार्यवाही होनी चाहिए।
वही विधायक जय कुमार जैकी ने कहा कि हम पीड़ित परिवार के साथ है और जो भी संभव मदद होगी किया जायेगा।


