Israel Iran War Gold Price Outlook: सोने की कीमतों में बीते हफ्ते बड़ी तेजी दर्ज की गई थी। एमसीएक्स एक्सचेंज पर सोने का घरेलू वायदा भाव बीते शुक्रवार 27 फरवरी को 1,62,104 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं, इससे पहले शुक्रवार 20 फरवरी को सोना वायदा 1,56,876 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इस तरह बीते हफ्ते सोने की कीमत में 5,228 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी दर्ज हुई थी। वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए ज्वैलर्स और स्टॉकिस्टों की ताजा खरीदारी से यह उछाल आया। वहीं, इस हफ्ते सोने में बड़ी भारी तेजी के कयास लगाए जा रहे हैं। आइए जानते हैं कि इसके पीछे क्या वजह है।
बढ़ गया रिस्क ऑफ सेंटीमेंट
शनिवार को मिसाइल हमलों के साथ ईरान–इजराइल युद्ध की शुरुआत होते ही वैश्विक वित्तीय बाजारों में जोखिम से बचने (रिस्क-ऑफ) की भावना बढ़ गई है। निवेशक पारंपरिक सुरक्षित निवेश साधनों की ओर रुख कर रहे हैं। वीकेंड में खुले रहने वाले क्रिप्टो बाजार ने सबसे पहले प्रतिक्रिया दी, जहां बिटकॉइन करीब 5% गिरकर 64,000 डॉलर से नीचे आ गया। विश्लेषकों का मानना है कि बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच अगले सप्ताह इक्विटी बाजारों में अस्थिरता बनी रह सकती है, जो आमतौर पर सोने की कीमतों को सपर्ट देती है।
इस हफ्ते क्या सोने में आएगी भारी तेजी?
अर्था भारत ग्लोबल मल्टीप्लायर फंड के फंड मैनेजर नचिकेता सावरिकर के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से सोना और चांदी जैसे डिफेंसिव एसेट्स में निवेश बढ़ेगा। अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले करने से विकसित और उभरते दोनों बाजारों में जोखिम वाले एसेट्स में बिकवाली होने की उम्मीद है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरी, तेल, सोना और चांदी में जारी तेजी और बढ़ सकती है। आमतौर पर भू-राजनीतिक झटकों के दौरान निवेशक शेयर बाजार से पूंजी निकालकर सोना, चांदी और सरकारी बॉन्ड जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं। ऐसे में सोमवार को सोने की कीमतें बड़े गैप के साथ ओपन हो सकती हैं।
ईरान ने दी केमिकल युद्ध की धमकी
ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई है। ईरानी मीडिया ने इस बात की पुष्टि की है। उधर ईरान द्वारा भी लगातार खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य बेसों पर हमले किये जा रहे हैं। ईरान ने केमिकल युद्ध की भी धमकी दी है। इससे भूराजनीतिक अस्थिरता बुरी तरह से बढ़ गई है। जब भी ऐसा होता है निवेशक गोल्ड जैसे सेफ हैवन एसेट्स में निवेश करना पसंद करते हैं।
इन संकेतकों पर भी नजर
निवेशक प्रमुख मैक्रो संकेतकों पर भी नजर रख रहे हैं। अमेरिकी प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) डेटा और फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के अधिकारियों की टिप्पणियां ब्याज दरों की दिशा तय करने में अहम होंगी, जिससे सोने की कीमतों पर असर पड़ सकता है। कई FOMC सदस्यों के भाषणों पर भी बाजार की नजर रहेगी।


