कोसी रेंज के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने शनिवार को मधेपुरा का दौरा किया। उनका उद्देश्य होली पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराना था। उन्होंने एसपी कार्यालय का वार्षिक निरीक्षण किया और जिले की विधि-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण तथा त्योहार की सुरक्षा तैयारियों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान डीआईजी पुलिस लाइन भी पहुंचे। यहां उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे जवानों की परेड का अवलोकन किया और उन्हें सतर्क, अनुशासित एवं संवेदनशील रहकर ड्यूटी करने का निर्देश दिया। डीआईजी ने स्पष्ट किया कि त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अति-संवेदनशील इलाकों में बल तैनात डीआईजी ने संवेदनशील और अति-संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात करने, लगातार फ्लैग मार्च निकालने, सघन गश्ती करने और कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT) को भी अलर्ट मोड में रखने को कहा। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया। जिला पुलिस पदाधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक में ट्रैफिक व्यवस्था, शांति समिति की सक्रिय भागीदारी, आपात स्थिति से निपटने की रणनीति और भीड़ प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा की गई। माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर कार्रवाई डीआईजी ने असामाजिक तत्वों, हुड़दंगियों और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। अंत में, डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने आम नागरिकों से अपील की कि वे आपसी भाईचारे और परंपराओं का सम्मान करते हुए होली मनाएं। उन्होंने किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया। डीआईजी ने यह भी भरोसा दिलाया कि मधेपुरा पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है और जिले में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। कोसी रेंज के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने शनिवार को मधेपुरा का दौरा किया। उनका उद्देश्य होली पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराना था। उन्होंने एसपी कार्यालय का वार्षिक निरीक्षण किया और जिले की विधि-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण तथा त्योहार की सुरक्षा तैयारियों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान डीआईजी पुलिस लाइन भी पहुंचे। यहां उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे जवानों की परेड का अवलोकन किया और उन्हें सतर्क, अनुशासित एवं संवेदनशील रहकर ड्यूटी करने का निर्देश दिया। डीआईजी ने स्पष्ट किया कि त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अति-संवेदनशील इलाकों में बल तैनात डीआईजी ने संवेदनशील और अति-संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात करने, लगातार फ्लैग मार्च निकालने, सघन गश्ती करने और कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT) को भी अलर्ट मोड में रखने को कहा। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया। जिला पुलिस पदाधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक में ट्रैफिक व्यवस्था, शांति समिति की सक्रिय भागीदारी, आपात स्थिति से निपटने की रणनीति और भीड़ प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा की गई। माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर कार्रवाई डीआईजी ने असामाजिक तत्वों, हुड़दंगियों और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। अंत में, डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने आम नागरिकों से अपील की कि वे आपसी भाईचारे और परंपराओं का सम्मान करते हुए होली मनाएं। उन्होंने किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया। डीआईजी ने यह भी भरोसा दिलाया कि मधेपुरा पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है और जिले में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।


