पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान आईईडी विस्फोट में कोबरा बटालियन के सहायक कमांडेंट अजय मल्लिक घायल हो गए। घटना सारंडा के मरांगपोंगा इलाके में हुई, जहां सुरक्षा बलों की टीम जंगलों में सघन तलाशी अभियान चला रही थी। अभियान के दौरान पहले से बिछाए गए विस्फोटक में अचानक धमाका हो गया। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास मौजूद जवान भी सतर्क हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नक्सलियों ने सुरक्षाबलों की मूवमेंट को देखते हुए पहले से ही आईईडी प्लांट कर रखा था। धमाके में सहायक कमांडेंट मल्लिक को चोटें आईं, हालांकि उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। जवानों ने तत्काल निकाला सुरक्षित विस्फोट के तुरंत बाद मौके पर मौजूद जवानों ने घायल अधिकारी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। जंगल के बीच चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चलाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें रांची ले जाने की तैयारी की गई। सूत्रों के अनुसार, चिकित्सकीय सलाह पर एयरलिफ्ट की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मिल सके। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और सुरक्षा बलों ने आसपास के क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया है। एसपी ने की पुष्टि, अभियान जारी रहने का दावा पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि सारंडा और आसपास के इलाकों में सुरक्षाबलों की कार्रवाई और तेज की गई है। आईईडी विस्फोट के बावजूद जवानों का मनोबल ऊंचा है। ऑपरेशन को रोका नहीं गया है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीम क्षेत्र में सक्रिय है। अधिकारियों का कहना है कि नक्सलियों के मंसूबों को किसी भी सूरत में सफल नहीं होने दिया जाएगा और इलाके को पूरी तरह सुरक्षित बनाने तक अभियान जारी रहेगा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान आईईडी विस्फोट में कोबरा बटालियन के सहायक कमांडेंट अजय मल्लिक घायल हो गए। घटना सारंडा के मरांगपोंगा इलाके में हुई, जहां सुरक्षा बलों की टीम जंगलों में सघन तलाशी अभियान चला रही थी। अभियान के दौरान पहले से बिछाए गए विस्फोटक में अचानक धमाका हो गया। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास मौजूद जवान भी सतर्क हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नक्सलियों ने सुरक्षाबलों की मूवमेंट को देखते हुए पहले से ही आईईडी प्लांट कर रखा था। धमाके में सहायक कमांडेंट मल्लिक को चोटें आईं, हालांकि उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। जवानों ने तत्काल निकाला सुरक्षित विस्फोट के तुरंत बाद मौके पर मौजूद जवानों ने घायल अधिकारी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। जंगल के बीच चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चलाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें रांची ले जाने की तैयारी की गई। सूत्रों के अनुसार, चिकित्सकीय सलाह पर एयरलिफ्ट की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मिल सके। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और सुरक्षा बलों ने आसपास के क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया है। एसपी ने की पुष्टि, अभियान जारी रहने का दावा पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि सारंडा और आसपास के इलाकों में सुरक्षाबलों की कार्रवाई और तेज की गई है। आईईडी विस्फोट के बावजूद जवानों का मनोबल ऊंचा है। ऑपरेशन को रोका नहीं गया है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीम क्षेत्र में सक्रिय है। अधिकारियों का कहना है कि नक्सलियों के मंसूबों को किसी भी सूरत में सफल नहीं होने दिया जाएगा और इलाके को पूरी तरह सुरक्षित बनाने तक अभियान जारी रहेगा।


