गृहनगर में संबद्ध किए गए निलंबित अधिकारी का आदेश रद्द:शिकायत के बाद विभाग ने लिया यू-टर्न, फिर मेरठ से किया संबद्ध

गृहनगर में संबद्ध किए गए निलंबित अधिकारी का आदेश रद्द:शिकायत के बाद विभाग ने लिया यू-टर्न, फिर मेरठ से किया संबद्ध

हापुड़। शिक्षा विभाग में निलंबित एक अधिकारी को पहले उनके अनुरोध पर गृहनगर में संबद्ध कर दिया गया था, लेकिन शिकायत मिलने के बाद विभाग ने आदेश तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया। अब अधिकारी की संबद्धता फिर से मेरठ कार्यालय से कर दी गई है। इस पूरे घटनाक्रम की विभागीय हलकों में व्यापक चर्चा है। मामला हापुड़ की पूर्व एबीएसए रचना सिंह से जुड़ा है। पिछले वर्ष उन पर विभागीय पत्रावलियों और शिक्षकों के आवेदनों को मनमाने ढंग से रोकने के आरोप लगे थे। इससे कार्यप्रणाली में अनियमितता की आशंका जताई गई और शासन स्तर पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। जर्जर स्कूल हादसे के बाद बढ़ी कार्रवाई एक जर्जर विद्यालय की छत का प्लास्टर गिरने से छात्र घायल हो गए थे। जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच टीम ने पाया कि प्रधानाध्यापक की ओर से बार-बार अवगत कराने के बावजूद रचना सिंह ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
इन आरोपों के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग के निदेशक ने 22 अगस्त 2025 को उन्हें निलंबित कर दिया था। निलंबन अवधि में उनकी संबद्धता मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक, मेरठ कार्यालय से की गई थी, जबकि संयुक्त शिक्षा निदेशक को जांच अधिकारी बनाया गया था। अनुरोध पर मुरादाबाद में दी गई थी संबद्धता रचना सिंह मूल रूप से मुरादाबाद की निवासी हैं। उन्होंने अपर शिक्षा निदेशक से अनुरोध किया कि निलंबन अवधि में उन्हें मुरादाबाद में ही संबद्ध कर दिया जाए। उनके आवेदन को स्वीकार करते हुए अपर शिक्षा निदेशक कामता प्रसाद ने 19 सितंबर को उन्हें मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक, मुरादाबाद कार्यालय से संबद्ध करने का आदेश जारी कर दिया। सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत पर पलटा आदेश इस निर्णय पर सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष अग्रवाल ने शासन से शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि निलंबित अधिकारी को गृहनगर में संबद्ध करना निलंबन की मूल भावना के विपरीत है और इससे जांच की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। 27 फरवरी 2026 को संशोधित आदेश जारी शिकायत का संज्ञान लेते हुए विभाग ने 27 फरवरी 2026 को पूर्व आदेश निरस्त कर दिया। संशोधित आदेश में रचना सिंह को मुरादाबाद से हटाकर पुनः मेरठ कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, प्रकरण की जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *