ग्वालियर में दो दिन पहले प्लाईवुड कंपनी के कर्मचारी से 5 लाख रुपए लूटने वाले एक्टिवा सवार आरोपी हजीरा इलाके के निकले। वारदात के बाद उनकी आखिरी लोकेशन गोला का मंदिर क्षेत्र में मिली थी। जांच के दौरान पुलिस हजीरा पहुंची और सीसीटीवी फुटेज मुखबिरों को दिखाए, जिसमें दोनों संदिग्धों का हुलिया इलाके के बदमाश बेटू और हसन से मिलता पाया गया। पुलिस जब उनके घर पहुंची तो दोनों फरार मिले, जिससे शक पुख्ता हो गया। लोकेशन ट्रेस करने पर पता चला कि वे साथियों के साथ यूपी और राजस्थान में छिपे हैं। शनिवार को पुलिस ने दबिश देकर दोनों को हिरासत में ले लिया और ग्वालियर लेकर रवाना हो गई। मामले का खुलासा रविवार को किया जाएगा। रैकी कर की गई वारदात वारदात करने वाले बदमाश बेटू और हसन हजीरा के चार शहर का नाका इलाके में रहते हैं। जानकारी के मुताबिक दोनों नई उम्र के लड़के हैं। इनकी पूरी एक गैंग है। वारदात से पहले इन्होंने रैकी थी। इनको पता था कि दाल बाजार में शाम के समय कलेक्शन होता है। इनकी नजर वासुदेव पर थी और जब वह एमएलबी मैदान पर इंतजार करने बैठा था तो इन्होंने वहीं उसे घेरकर वारदात को अंजाम दिया। गिरोह में कितने सदस्य हैं यह फिलहाल पता नहीं चल सका है। आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस खुलासा करेगी। ऐसे बदमाशों तक पहुंची पुलिस पुलिस ने जब घटना स्थल से लेकर शहर में बदमाशों के भागने का रूट पता किया तो फुटेज खंगालते हुए लगभग पांच किलोमीटर दूर गोला का मंदिर चौराहा पर बदमाशों की लास्ट लोकेशन CCTV फुटेज के रूप में मिली है, लेकिन यहां काफी भीड़ व फुटेज धुंधले होने पर उनकी पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस को आशंका है कि बदमाश मुरैना या भिंड की ओर भागे हैं। इसके बाद वहां से उनके मेला जाने का भी पता लगा। जब पुलिस मुरैना रूट की तरह फुटेज खंगाल रही थी तो हजीरा पर फुटेज से एक्टिवा के हुलिया के आधार पर एक मुखबिर ने पहचान बेटू और हसन के रूप में की। जिसके बाद पुलिस ने लुटेरों का पता लगाकर उनको पकड़ा है। दो फर्म से किया था कलेक्शन ग्वालियर के महलगांव में रहने वाला वासुदेव शर्मा मूल रूप से राजस्थान का निवासी है। यहां वह अपने बड़े भाई संदीप कुमार के साथ महलगांव में रहता है। संदीप राजस्थान की किसी प्लाईवुड कंपनी के लिए सेल्स व कलेक्शन का काम ग्वालियर में संभालता है। 25 फरवरी की शाम संदीप ने अपने साथी वासुदेव को दाल बाजार से दो फर्म से कलेक्शन करने के लिए कहा था। वासुदेव ने एक फर्म से 1.5 लाख और दूसरी फर्म से 3.5 लाख रुपए कलेक्शन किया था। लगभग पांच लाख रुपए लेकर कर्मचारी दाल बाजार से निकला और अचलेश्वर मंदिर पहुंचा। यहां उसने संदीप को फोन कर पूछा कि रकम किसे देनी है। संदीप ने थोड़ी देर में जानकारी देने की बात कही। काफी देर तक फोन नहीं आने पर वासुदेव एमएलबी कॉलेज ग्राउंड में बैठा रहा और बाद में वहां से निकलने लगा। तभी काले रंग एक्टिवा पर आए दो बदमाशों ने उस पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए विवाद शुरू कर दिया। बहस के दौरान बदमाशों ने उसका बैग छीन लिया और मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही कंपू थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और क्षेत्र में नाकाबंदी कराई, लेकिन आरोपी हाथ नहीं आए थे। आरोपियों के साथी की तलाश जारी इस मामले में कंपू पुलिस का कहना है कि पांच लाख रुपए की लूट में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। दो लुटेरे पकड़े गए हैं। उनके साथियों की तलाश की जा रही है।


