भास्कर संवाददाता। खरगोन इस वर्ष फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा पर पर्व और ग्रहण का दुर्लभ संयोग बन रहा है। वहीं होली दहन 2 मार्च को प्रदोष काल में होगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार प्रदोष काल में होलिका दहन अत्यंत शुभ माना गया है। होलिका दहन के बाद परंपरा अनुसार धुलेंडी का उत्सव मनाया जाएगा। यह निर्णय शनिवार रात 8 बजे मंडी परिसर में स्थित आशुतोष महादेव मंदिर में हुई विद्वत परिषद की बैठक में विद्वानों ने लिया। विद्वानों का मत था कि होलिका दहन के बाद परंपरा अनुसार धुलंडी का उत्सव मनाया जाना चाहिए। होलिका दहन के बाद शुरू होने वाले इस पर्व को लेकर संशय बना हुआ है। इस बार तिथि के गणना भेद के कारण कुछ स्थानों पर 4 मार्च को भी रंगोत्सव मनाया जाएगा। परिषद के अध्यक्ष आनंद स्वरुप मलतारे ने बताया कि 2 मार्च सोमवार को होलिका दहन होगा, जबकि 3 मार्च मंगलवार को धुलंडी उत्सव मनाया जाएगा। शहरी क्षेत्र में 20 से अधिक स्थानों पर होलिका दहन होगा।


