लखनऊ के हनुमंत धाम मंदिर परिसर में शनिवार को ‘भारतीय नववर्ष सांस्कृतिक चेतना दीपयज्ञ’ का आयोजन किया गया। अखिल विश्व गायत्री परिवार और भारतीय नववर्ष महोत्सव समिति न्यास के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में लोगों ने नशा मुक्त, सौहार्दपूर्ण और सादगी से होली मनाने का सामूहिक संकल्प लिया। क्लार्क अवध होटल के पीछे स्थित मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और विधिवत पूजन के साथ हुआ। दीपयज्ञ में मुख्य संयोजक अभिषेक खरे, अध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल, विमर्श रस्तोगी, गायत्री परिवार के जोन प्रमुख अतुल सिंह और डॉ. अरविंद निगम ने आहुति दी। उन्होंने विश्व शांति, सुख-समृद्धि और सामाजिक उन्नति की कामना की। वक्ताओं ने भारतीय नववर्ष को श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक चेतना के साथ मनाने के महत्व पर जोर दिया। होली प्रेम और भाईचारे का पर्व मुख्य संयोजक अभिषेक खरे ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि होली प्रेम और भाईचारे का पर्व है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि समय के साथ इसमें शराब और हुड़दंग की प्रवृत्ति बढ़ी है। खरे ने सभी से अपील की कि इस बार होली भारतीय संस्कृति के अनुरूप, बिना नशे और उपद्रव के मनाई जाए। उपस्थित लोगों ने हाथ उठाकर सौहार्दपूर्ण और सादगीपूर्ण होली मनाने का संकल्प लिया। दीपों की सामूहिक रोशनी से जगमगाया परिसर दीपयज्ञ के दौरान 5100 दीपक प्रज्वलित किए गए। दीपों की सामूहिक रोशनी से पूरा मंदिर परिसर दिव्य प्रकाश से जगमगा उठा। भक्तिमय भजनों ने माहौल को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया।कार्यक्रम में सुनील वैश्य, ज्ञान किशोर श्रीवास्तव सहित गायत्री परिवार की दिया यूथ विंग के सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस आयोजन ने सामाजिक सुधार, नैतिक जागरण और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया।


