बरेली। पिस्टल की धौंस दिखाकर जमीनों पर कब्जे करना, सरेआम फायरिंग और जाम छलकाने वाले गुंडे प्रापर्टी माफिया सुमित सक्सेना को डीएम ने चार माह के लिये जिला बदर कर दिया है। डीएम बरेली अविनाश सिंह की कोर्ट ने इज्जतनगर पुलिस को 24 घंटे के अंदर आरोपी को जिले की सीमा से बाहर भेजने के आदेश दिये हैं।
जमीनों की खरीद फरोख्त में बनवाता था फर्जी कागजात
इज्जतनगर पुलिस ने बरेली कोर्ट को भेजी अपनी आख्या में कहा कि आरोपी वीर सावरकर नगर का रहने वाला सुमित सक्सेना पुत्र छैलविहारी सक्सेना है। उस पर जमीनों की खरीद-बिक्री के नाम पर कागजों में हेरफेर, फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्तियां हथियाने और आर्थिक लाभ उठाने के गंभीर आरोप दर्ज हैं। सुमित सक्सेना और उसकी गैंग के लोग झूठी शिकायत कर संभ्रांत नागरिकों को ब्लैकमेल करते हैं, रंगदारी मांगते और धमकी देते हैं। प्रापर्टी हथियाने के लिये उन पर दबाव बनाता है। इलाके में खुलेआम फायरिंग कर दबंगई दिखाने के मामले भी सामने आये हैं। आरोपी की गतिविधियों से बरेली का बाजार और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना हुआ है। कई पीड़ित खुलकर सामने आने से भी कतराते हैं।
24 घंटे का अल्टीमेटम, दस मुकदमों का आरोपी है सुमित सक्सेना
डीएम के आदेश के बाद इज्जतनगर पुलिस हरकत में आ गई है। डीएम ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी को 24 घंटे के भीतर बरेली की सीमाओं से बाहर किया जाए। निष्कासन अवधि के दौरान यदि वह जिला सीमा में पाया गया तो तत्काल गिरफ्तारी कर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। आरोपी की गतिविधियां लोक शांति और कानून व्यवस्था के लिए खतरा साबित हो रही थीं। इसी आधार पर उ.प्र. गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। उसके खिलाफ इज्जतनगर, कोतवाली, बारादरी, प्रेमनगर समेत शहर के थानों में दस आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।


