सीवान के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बरहन गांव में गोली मारकर कथित हत्या के मामले में फरार को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व चेयरमैन एवं पट्टीदार रामायण चौधरी को सीवान पुलिस ने शुक्रवार को पटना भागने के क्रम में गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में मंडल कारा सीवान भेज दिया गया। गोली मारकर हत्या का आरोप मामला 55 वर्षीय झूलन भगत की मौत से जुड़ा है, जिसे लेकर परिजनों की ओर से गोली मारकर हत्या का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने प्राथमिकी में नामजद अभियुक्त बनाए जाने के बाद रामायण चौधरी को प्राथमिक अभियुक्त मानते हुए कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद शनिवार को न्यायालय परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए रामायण चौधरी ने स्वयं को पूरी तरह निर्दोष बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें मुखिया चुनाव की राजनीतिक रंजिश के तहत फंसाया गया है। रामायण चौधरी ने कहा कि घटना के दिन वे अपने घर पर थे और पूरा परिसर सीसीटीवी निगरानी में रहता है। उनके अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट है कि घटना के समय वे घर में सो रहे थे। सुबह उठने पर उन्हें जानकारी मिली कि उनके बड़े भाई झूलन भगत की ब्रेन हेमरेज से मौत हो गई है। उन्होंने दावा किया कि पहले स्वाभाविक मौत हुई और बाद में राजनीतिक साजिश के तहत शव को सदर अस्पताल से घर लाकर गोली मारे जाने का रूप दिया गया तथा उन्हें नामजद कर दिया गया। निष्पक्ष, स्वच्छ और पारदर्शी जांच की मांग रामायण चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने पर्याप्त जांच किए बिना ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष, स्वच्छ और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषी को सख्त सजा मिलनी चाहिए और निर्दोष को मुक्त किया जाना चाहिए। इधर, सीवान के पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने बताया कि मामले में नामजद और प्राथमिक अभियुक्त होने के कारण गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, वहीं जो निर्दोष होगा उसे जांच के बाद विधि सम्मत राहत दी जाएगी। सीवान के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बरहन गांव में गोली मारकर कथित हत्या के मामले में फरार को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व चेयरमैन एवं पट्टीदार रामायण चौधरी को सीवान पुलिस ने शुक्रवार को पटना भागने के क्रम में गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में मंडल कारा सीवान भेज दिया गया। गोली मारकर हत्या का आरोप मामला 55 वर्षीय झूलन भगत की मौत से जुड़ा है, जिसे लेकर परिजनों की ओर से गोली मारकर हत्या का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने प्राथमिकी में नामजद अभियुक्त बनाए जाने के बाद रामायण चौधरी को प्राथमिक अभियुक्त मानते हुए कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद शनिवार को न्यायालय परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए रामायण चौधरी ने स्वयं को पूरी तरह निर्दोष बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें मुखिया चुनाव की राजनीतिक रंजिश के तहत फंसाया गया है। रामायण चौधरी ने कहा कि घटना के दिन वे अपने घर पर थे और पूरा परिसर सीसीटीवी निगरानी में रहता है। उनके अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट है कि घटना के समय वे घर में सो रहे थे। सुबह उठने पर उन्हें जानकारी मिली कि उनके बड़े भाई झूलन भगत की ब्रेन हेमरेज से मौत हो गई है। उन्होंने दावा किया कि पहले स्वाभाविक मौत हुई और बाद में राजनीतिक साजिश के तहत शव को सदर अस्पताल से घर लाकर गोली मारे जाने का रूप दिया गया तथा उन्हें नामजद कर दिया गया। निष्पक्ष, स्वच्छ और पारदर्शी जांच की मांग रामायण चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने पर्याप्त जांच किए बिना ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष, स्वच्छ और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषी को सख्त सजा मिलनी चाहिए और निर्दोष को मुक्त किया जाना चाहिए। इधर, सीवान के पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने बताया कि मामले में नामजद और प्राथमिक अभियुक्त होने के कारण गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, वहीं जो निर्दोष होगा उसे जांच के बाद विधि सम्मत राहत दी जाएगी।


