शेखपुरा के अरियरी प्रखंड के सोहदी गांव में पावर ग्रिड स्टेशन के पास एक खलिहान में आग लगने से हजारों रुपये मूल्य के नेवारी के कई पुंज जलकर राख हो गए। इस घटना में लगभग 70 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते उसने विकराल रूप ले लिया। ग्रामीणों ने आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन तेज लपटों के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। घटना की सूचना तत्काल महुली थाना पुलिस को दी गई। थानाध्यक्ष रामप्रवेश कुमार भारती की तत्परता से अग्निशमन विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। आग की तीव्रता को देखते हुए दूसरी अग्निशमन गाड़ी भी बुलाई गई। दोनों गाड़ियों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। दरोगा मनोहर सिंह के नेतृत्व में 112 नंबर पुलिस टीम और महुली थानाध्यक्ष रामप्रवेश भारती ने भी आग बुझाने में सहायता की। इस अगलगी में सोहदी गांव निवासी रामाशीष यादव, लक्ष्मी यादव, कुलदीप यादव और रविंद्र यादव के नेवारी के पुंज जल गए। पीड़ित किसानों ने बताया कि उन्होंने मवेशियों के चारे के लिए यह नेवारी खरीदी थी। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पीड़ित किसानों ने अंचलाधिकारी से मुआवजे और प्रशासन से सरकारी सहायता देने की गुहार लगाई है। शेखपुरा के अरियरी प्रखंड के सोहदी गांव में पावर ग्रिड स्टेशन के पास एक खलिहान में आग लगने से हजारों रुपये मूल्य के नेवारी के कई पुंज जलकर राख हो गए। इस घटना में लगभग 70 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते उसने विकराल रूप ले लिया। ग्रामीणों ने आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन तेज लपटों के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। घटना की सूचना तत्काल महुली थाना पुलिस को दी गई। थानाध्यक्ष रामप्रवेश कुमार भारती की तत्परता से अग्निशमन विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। आग की तीव्रता को देखते हुए दूसरी अग्निशमन गाड़ी भी बुलाई गई। दोनों गाड़ियों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। दरोगा मनोहर सिंह के नेतृत्व में 112 नंबर पुलिस टीम और महुली थानाध्यक्ष रामप्रवेश भारती ने भी आग बुझाने में सहायता की। इस अगलगी में सोहदी गांव निवासी रामाशीष यादव, लक्ष्मी यादव, कुलदीप यादव और रविंद्र यादव के नेवारी के पुंज जल गए। पीड़ित किसानों ने बताया कि उन्होंने मवेशियों के चारे के लिए यह नेवारी खरीदी थी। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पीड़ित किसानों ने अंचलाधिकारी से मुआवजे और प्रशासन से सरकारी सहायता देने की गुहार लगाई है।


