झाबुआ जिले के पेटलावद-बदनावर स्टेट हाईवे पर स्थित माही नदी के पुल पर बीते दिनों ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। मृतक पंकज पिता कालुराम डामर निवासी भैसोला का शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया गया। यह प्रदर्शन 26 फरवरी की शाम को करीब 4 घंटे तक चला और 27 फरवरी की सुबह भी जारी रहा। इस चक्काजाम के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे मुसाफिरों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। यात्री घंटों तक जाम में फंसे रहे। पेटलावद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बल के साथ प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे और टस से मस नहीं हुए। मामले में संवेदनहीनता तब सामने आई जब परिजनों और ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार करने के बजाय उसे सड़क पर रखकर ‘बेर’ (झगड़े) के रूप में मोटी रकम की मांग शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, यह मृतक के शव की जानबूझकर की गई अवहेलना थी, जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी अनुरक्ति साबनानी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि पेटलावद पुलिस ने इस अवैध चक्काजाम और शव के अपमान को लेकर 42 नामजद व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं 301, 191(2), 126(2) और 308(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वाले इन आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।


