America Iran tension: मध्य एशिया में तनाव चरम पर है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने को लेकर बात अब तक नहीं बनी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अच्छा होता अगर हम इसे सेना के बिना कर पाते, लेकिन कभी-कभी आपको इसे उसके साथ करना पड़ता है। हमारे पास दुनिया की सबसे मजबूत सेना है। उसके आसपास भी कोई नहीं है। मैं इसका उपयोग नहीं करना चाहूंगा, लेकिन कभी-कभी आपको करना पड़ता है। देखेंगे क्या होता है।
ईरान ने गलत तरीके से लोगों को बंधक बनाया हुआ है
वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्क रुबियो ने कहा कि आज मैंने ईरान को गलत तरीके से हिरासत में लिए गए लोगों का स्टेट स्पॉन्सर घोषित किया है। दशकों से ईरानी सरकार ने राजनीतिक फायदे के लिए बेगुनाह अमेरिकियों और दूसरे देशों के नागरिकों को बेरहमी से हिरासत में रखा है। ईरान को यह घिनौना काम बंद करना चाहिए और गलत तरीके से हिरासत में लिए गए सभी अमेरिकियों को तुरंत रिहा करना चाहिए।
तेहरान में मौजूद कई देशों के दूतावास खाली
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते ब्रिटेन, चीन और भारत सहित कई देशों ने अपने नागरिकों और दूतावास के कर्मचारियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। भारत, ब्रिटेन, चीन, ऑस्ट्रेलिया, पोलैंड, फिनलैंड, स्वीडन और सिंगापुर जैसे देशों ने भी अपने नागरिकों और राजनयिकों को मध्य पूर्व के कुछ हिस्से छोड़ने की सलाह दी है। ब्रिटेन ने तेहरान में स्थित अपने दूतावास को अस्थाई रूप से बंद करने का ऐलान किया है।
अमेरिका बढ़ा रहा अपना सैन्य जमावड़ा
अमेरिका लगातार अपना सैन्य जमावड़ा बढ़ा रहा है। अमेरिकी विमानवाहक पोत (USS जेराल्ड आर. फोर्ड) क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है। वह इजरायली जलक्षेत्र में तैनात है। कई देशों की विमानन कंपनियों ने इजरायल की वाणिज्यिक राजधानी तेल अवीव के लिए अपनी उड़ानें निलंबित कर दी हैं। अमेरिका ने इजरायल के कई शहरों के लिए यात्रा करने पर रोक लगा दी है।


