मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के शहपुरा में एक महिला की उसके लिव-इन पार्टनर के छोटे भाई ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। वहीं, लिव-इन पार्टनर ने महिला की बेटी के साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया। वारदात का खुलासा तब हुआ जब 25 फरवरी की रात पुलिस सूचना पाकर मौके पर पहुंची। घर का दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण पुलिसकर्मियों को छत के रास्ते दाखिल होना पड़ा, जहां का मंजर बेहद दर्दनाक था। बाथरूम की दीवार के पास 35 साल की महिला का शव पड़ा था। पास ही उसकी नाबालिग बेटी डरी-सहमी बैठी थी। बच्ची उस वक्त तेज बुखार से तड़प रही थी, जिसे फौरन अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार को पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया है। दोनों आरोपी भाई अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। मासूम की आंखों के सामने अब भी वह भयानक मंजर घूम रहा है, जिससे वो सदमे में है। दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से 56 किलोमीटर दूर शहपुरा पहुंची। यहां क्षेत्र के लोगों और टीआई अनुराग जामदार से आरोपियों के बारे में बात की। इसमें जो कहानी निकली, वह चौंकाने वाली है। पढ़िए रिपोर्ट… आरोपी दोनों भाइयों हरिओम चौधरी (42) और देवेंद्र उर्फ छोटू चौधरी (38) का इलाके में काफी खौफ है। हत्या के आरोपी छोटे भाई देवेंद्र पर पहले से ही लूट, रेप और आर्म्स एक्ट जैसे 27 गंभीर मामले दर्ज हैं, जबकि बड़े भाई हरिओम पर भी पहले से हत्या का आरोप है। इनके डर से मोहल्ले के कई परिवार अपना घर छोड़कर पलायन कर चुके हैं। लोग बोले- मारपीट और झगड़ा रोज का काम मोहल्ले में हरिओम और देवेंद्र का खौफ इस कदर हावी है कि कोई भी उनके बारे में खुलकर बात करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। लोग उनकी हरकतों से बुरी तरह परेशान हैं नशे में धुत होकर मारपीट और लूटपाट करना, इन दोनों भाइयों का रोज का काम बन चुका है। ग्रामीण दबी जुबान में उनकी करतूतें तो बताते हैं, लेकिन कैमरे के सामने आने से हर कोई कतरा रहा है। स्थानीय निवासी अरुण अग्रवाल ने बताया कि हरिओम और देवेंद्र की यहां पुश्तैनी जमीन है। करीब 20 साल पहले माता-पिता के निधन के बाद से ही दोनों भाई अकेले रह रहे हैं। राह चलते लोगों को मारना-पीटना, धमकियां देना, शराबखोरी, अवैध वसूली और जमीनों पर कब्जा करना उनकी आदतों में शुमार है। उनके घर आने-जाने का कोई तय समय नहीं है और करीब चार महीने पहले देवेंद्र एक महिला को अपने साथ लेकर आया था, जिसे वह अपनी पत्नी बताता था, हालांकि उसकी असलियत किसी को नहीं पता। इन दोनों की आपराधिक प्रवृत्ति के कारण मोहल्ले के लोग उनसे दूरी बनाकर रखते हैं। किसी को यह भी नहीं पता कि वे गुजारे के लिए क्या काम करते हैं। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि उनकी प्रताड़ना और डर से तंग आकर चार परिवार अपना घर छोड़कर कहीं और चले गए हैं, जिनके मकानों पर आज भी ताले लटके हुए हैं। बच्ची रोती रही, गिड़गिड़ाती रही, रहम नहीं आया पीड़ित बच्ची हरिओम को ‘पापा’ और उसके भाई देवेंद्र उर्फ छोटू को ‘चाचा’ कहकर बुलाती थी। घटना की शुरुआत 23 फरवरी की शाम करीब 7:30 बजे हुई। बच्ची के मुताबिक, छोटू चाचा घर आया और मां पर शराब पिलाने का झूठा आरोप लगाकर झगड़ने लगा। विवाद इतना बढ़ा कि उसने मां को जूते-चप्पलों और खपरैल के टुकड़ों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। मां के बाल पकड़कर उनका सिर लोहे की रॉड पर दे मारा। मैं रोती रही, गिड़गिड़ाती रही, लेकिन चाचा को दया नहीं आई। वह जान से मारने की धमकी देकर वहां से भाग निकला। मां बार-बार बेहोश हो रही थी, मुझे पास जाने से रोका बच्ची ने बताया कि मां दर्द से कराहती रही और उनके सिर से लगातार खून बहता रहा। रात करीब 3 बजे हरिओम (पापा) नशे में धुत होकर घर लौटा। अगले दिन 24 फरवरी की सुबह उसने मां के घाव पर मरहम-पट्टी तो की, लेकिन उनकी हालत बिगड़ती जा रही थी। मां बार-बार बेहोश हो रही थी, जिसके बाद उन्हें पलंग पर लेटा दिया गया। शाम को हरिओम ही मां को बाथरूम ले गया। वहां दीवार के सहारे बैठा दिया। पूरी रात वे सब उसी घर में रहे, हरिओम बाहर से खाना भी लेकर आया, लेकिन उसने एक बार भी मरणासन्न हालत में पड़ी मां की सुध नहीं ली। हरिओम ने बच्ची को भी मां के पास जाने से रोक दिया गया। शायद हरिओम को आभास हो गया था कि मां की मौत हो चुकी है, इसलिए वह बेखौफ होकर पलंग पर सो गया, जबकि मासूम बच्ची पूरी रात दहशत के साए में लेटी रही। मुंह दबाकर किया गलत काम, धमकी देकर भागा लड़की ने पुलिस को बताया कि 25 फरवरी की सुबह हरिओम चौधरी अचानक जाग गया। पता नहीं उसे क्या हो गया, उसने मेरे साथ गलत काम किया। जब मैंने विरोध किया तो उसने मेरा मुंह दबा दिया और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने घर का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। थोड़ी देर बाद वह छत से कूदकर भाग गया। मैं बहुत घबरा गई थी और कुछ समझ नहीं पा रही थी। मैं अपनी मां के पास गई, लेकिन उस समय मेरे शरीर में कोई हलचल नहीं थी। डर के कारण मैं घर में ही डरी-सहमी बैठी रही। उस दिन मैंने कुछ भी नहीं खाया। मृतका के परिजन बोले- 1 साल से मायके नहीं आई घटना के बाद पुलिस ने मृतका के परिजनों को सूचना दे दी थी। ससुराल पक्ष में केवल उसकी सास मौजूद है। मृतका का भाई शहपुरा से यहां पहुंचा। भाई ने बताया कि पांच साल पहले करंट लगने से बहन के पति की मौत हो गई थी। इसके बाद बहन अपने ससुराल, उमरिया जिले में ही रह रही थी। करीब एक साल से वह मायके नहीं आई थी। करीब दो महीने पहले ही परिवार को पता चला कि बहन ने दूसरे समाज में रिश्ता कर लिया है। वह मजदूरी के काम के लिए जबलपुर आती–जाती रहती थी। इसी दौरान उसकी पहचान हरिओम से हुई थी। करीब चार महीने पहले ही वह यहां रहने आई थी। पहले पति से उसे दो बेटियां हैं। एक बेटी हमारे पास रहती है, जबकि दूसरी बेटी दादी के पास उमरिया में रहती है। दूसरी बेटी एक महीने पहले ही यहां आई थी। देवेंद्र चौधरी पर 23 केस, हरिओम जेल जा चुका देवेंद्र चौधरी उर्फ छोटू के खिलाफ शहपुरा थाना में वर्ष 2012 से अब तक कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। इनमें चोरी, लूटपाट, जान से मारने की धमकी, आगजनी, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, रेप और छेड़छाड़ जैसे मामले शामिल हैं। उसके खिलाफ यहां कुल करीब 23 केस दर्ज हैं। इसके अलावा डिंडोरी सिटी कोतवाली में भी उसके खिलाफ छेड़छाड़, आर्म्स एक्ट और सरकारी काम में बाधा डालने के चार मामले दर्ज हैं। अन्य जिलों में दर्ज अपराधों की जानकारी पुलिस जुटा रही है। वहीं, हरिओम चौधरी के खिलाफ वर्ष 2016 में मारपीट और जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद 2018 में हत्या का केस भी दर्ज किया गया। इस मामले में वह जेल जा चुका है। हरिओम पेशे से ड्राइवर है। गिरफ्तारी के लिए मोबाइल लोकेशन खंगाल रहे थाना प्रभारी अनुराग जमादार ने बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित है। अलग-अलग जगह तलाश की जा रही है। मोबाइल लोकेशन भी सर्च की जा रही है। जल्दी ही पकड़े जाएंगे। ये खबर भी पढ़ें… मां को पीट-पीटकर मार डाला, बेटी से रेप किया
मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में लिव इन पार्टनर के छोटे भाई ने महिला को पीट-पीटकर मार डाला। वहीं महिला की 14 साल की बेटी से उसके पार्टनर ने नशे में रेप किया। वारदात के बाद भाग गया। बच्ची अपनी मां की लाश के पास बैठकर रातभर रोती रही। मामला शहपुरा थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…


