Good News: राजस्थान के इन शहरों की हो गई बल्ले-बल्ले! 4-लेन से लेकर 8-लेन सड़कों का बिछेगा जाल, प्रॉपर्टी सेक्टर में आएगा जबरदस्त बूम

Good News: राजस्थान के इन शहरों की हो गई बल्ले-बल्ले! 4-लेन से लेकर 8-लेन सड़कों का बिछेगा जाल, प्रॉपर्टी सेक्टर में आएगा जबरदस्त बूम

Good News For Rajasthan: राजस्थान के विकास की रफ्तार अब ‘बुलेट ट्रेन’ की तरह दौड़ने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश को ₹16,600 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है। इस मेगा प्रोजेक्ट में सबसे ज्यादा फोकस सड़कों के जाल पर है, जिससे न केवल सफर आसान होगा, बल्कि राजस्थान के रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी सेक्टर में भी भारी उछाल (Boom) आने की पूरी संभावना है।

इन शहरों की चमकी किस्मत: फोर-लेन और एट-लेन का जलवा

राजस्थान के कई प्रमुख शहरों को जोड़ने के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है।

  • बांदीकुई-जयपुर 4-लेन एक्सप्रेस-वे: दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेस-वे को जयपुर से जोड़ने वाले इस मार्ग पर ₹1,208 करोड़ खर्च हुए हैं। इससे जयपुर के आसपास की जमीनों के दाम आसमान छूने वाले हैं।
  • 8-लेन कैरिज-वे: एनएच-76 से उम्मेदपुरा गांव (एनएच-12) तक ₹1,114 करोड़ की लागत से बना यह 8-लेन मार्ग औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखेगा।
  • जोधपुर और जयपुर में एलिवेटेड रोड: जोधपुर में महामंदिर से आखलिया चौराहा तक ₹1,243 करोड़ और जयपुर के सांगानेर में ₹287 करोड़ की एलिवेटेड रोड से शहरी प्रॉपर्टी की वैल्यू में जबरदस्त इजाफा होगा।
    प्रॉपर्टी सेक्टर में क्यों आएगा बूम?
    एक्सपर्ट्स का मानना है कि जहां से भी नेशनल हाईवे या एक्सप्रेस-वे गुजरता है, वहां की कनेक्टिविटी सुधरने से कमर्शियल और रेजिडेंशियल जमीनों की मांग बढ़ जाती है।
  • नए इंडस्ट्रियल हब: पाली, बाड़मेर और जालोर जैसे जिलों में औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े निर्माण कार्यों (₹526 करोड़) के चलते फैक्ट्रियों और गोदामों के लिए जमीन की मांग बढ़ेगी।
  • शहरी विस्तार: जयपुर, जोधपुर और बीकानेर जैसे शहरों में एलिवेटेड रोड और रिंग रोड के बनने से बाहरी इलाकों की कॉलोनियों में निवेश करना अब फायदे का सौदा होगा।
  • आम आदमी को क्या मिला?
  • सड़कों के इस महाजाल से करोड़ों लोगों का समय बचेगा। बीकानेर, नागौर, जैसलमेर, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जैसे जिलों में नहरों और सड़कों के विकास (₹1,600 करोड़) से कृषि आधारित प्रॉपर्टी में भी सुधार होगा।
    अजमेर-नागौर सेक्शन (₹190 करोड़) और शाहपुरा-थानागाजी मार्ग (₹103 करोड़) के अपग्रेड होने से अब छोटे गांवों से शहरों तक पहुंचना मिनटों का काम रह गया है।

    राजस्थान सरकार और केंद्र के इस साझा प्रयास ने प्रदेश को ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर हब’ बना दिया है। अगर आप निवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह सही समय है, क्योंकि सड़कों के इस जाल ने विकास के नए द्वार खोल दिए हैं।

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