नमस्कार आखिरकार भगवान के द्वार पर देर जरूर हुई, लेकिन अंधेर नहीं हुआ। डॉग भगत ने खाटूश्याम बाबा के VIP दर्शन किए। जयपुर में निकाय-पंचायत चुनाव की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले डिप्टी सीएम साहब ने तकिये की डिमांड कर दी। सीकर में लाश दफन होने के शक में पुलिस ने गड्ढा खुदवाया, फिर क्या निकला? राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. आखिर डॉग भगत को हुए VIP दर्शन भगवान के दर से भक्त खाली हाथ कैसे लौट सकता है। भक्ति में शक्ति हो तो मुराद पूरी होने में देर हो सकती है, लेकिन अंधेर नहीं हो सकता। आखिरकार डॉग भगत को भगवान खाटू श्याम के दर्शन हो गए। वो भी एकादशी के दिन VIP दर्शन कराए गए। पुजारी ने गले में फूल माला डाली। मोरपंख भेंट की। डॉग अपने मालिक के साथ 23 फरवरी को जयपुर के जोबनेर से पदयात्रा करते हुए खाटू पहुंचा था। रास्ते में पंजे छिल गए, छाले पड़ गए, लेकिन रुका नहीं। मंदिर की दहलीज पर सुरक्षाकर्मियों ने कुत्ते को कतार से बाहर कर दिया। मंदिर में एंट्री नहीं मिली, लेकिन श्याम भक्तों के दिलों में कुत्ते की शानदार एंट्री हुई। कई वीडियो वायरल हुए। मंदिर कमेटी को बात का पता चला। कुत्ते के मालिक की तलाश की गई। उसे फोन कर कहा गया कि कुत्ते को लेकर आ जाओ। महाभारत के आखिरी हिस्से ‘महाप्रस्थानिक पर्व’ में कथा है-युधिष्ठिर के साथ स्वर्ग के द्वार पर कुत्ते के रूप में धर्मराज स्वयं थे। इंद्र ने कहा कि कुत्ते के साथ स्वर्ग में एंट्री नहीं मिलेगी। इस पर युधिष्ठिर ने कहा कि कुत्ते को एंट्री नहीं मिलेगी तो मुझे भी एंट्री नहीं चाहिए। यह युधिष्ठिर की परीक्षा थी जिसमें वे पास हुए। फिलहाल आस्थावान लोगों ने डॉग भगत की खूब चर्चा हो रही है। 2. प्रेसवार्ता में डिप्टी सीएम ने मांगा ‘तकिया’ राजधानी में कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में जो फैसले लिए गए उनकी जानकारी मीडिया को देने के लिए उद्योग मंत्री, कानून मंत्री और डिप्टी सीएम प्रेसवार्ता करने पहुंचे। डिप्टी सीएम साहब बीच की कुर्सी पर बैठ गए। उनके बायें तरफ जोगाराम पटेल और बायें तरफ राज्यवर्धन राठौड़। सामने रखी टेबल पर मीडिया संस्थान के माइक का ढेर लग गया। डिप्टी सीएम को पहले ही टेबल कुछ ऊंची लग रही थी और कुर्सी नीची। ऊपर से ‘मीडिया बूम’ का डूंगर। प्रेसवार्ता शुरू होने को ही थी, वे इधर-उधर देखने लगे। उन्होंने व्यवस्था करने वालों को सुनाने के गरज से कहा-कुर्सी नीची है यार। लग रहा है गड्ढे में ही बैठे हैं। कोई तकिया है क्या यार ताकि ऊपर कर लें। कुल मिलाकर, माननीय को कुर्सी ही ऊंची चाहिए थी, बाकि स्वभाव से डाउन-टू-अर्थ नेता हैं। 3. गड्ढे से निकली किसकी लाश? दृश्य बिल्कुल ‘दृश्यम’ से मिलता-जुलता था। सुनसान एरिया जहां से एक पगडंडी गुजरती थी। बस्ती छितराई हुई और दूर-दूर। पगड़ंडी से करीब 5 फीट की दूरी पर ताजा मिट्टी से भरा हुआ एक गड्ढा। ऐसा जान पड़ता है कि अभी कुछ गाड़कर पाट दिया गया है। शक वाली जगह पुलिस के जवान जेबों में हाथ डालकर पैनी निगाह से ‘मौके’ का जर्रा-जर्रा शक से देख रहे हैं। आस-पास एक-दो गवाह खड़े हैं, जिनके नाम-पते और नंबर एक सिपाही अपने रजिस्टर में पूछकर दर्ज कर रहा है। ग्रामीणों को मौके के पास जली हुई अगरबत्तियां और नमक की खाली थैलियां मिली थी। चूंकि ग्रामीणों शेरलॉक होम्स के उपन्यास तो नहीं पढ़े लेकिन क्राइम पेट्रोल खूब देख रखा था, इसी अनुभव के आधार पर वे पलसाना थाना पुलिस को मौके पर बुला लाए थे और शक जताया था कि यहां किसी का मर्डर कर दफ्न कर दिया गया है। इस पूरी मुहिम के दौरान एक व्यक्ति फावड़े से लगातार मौके की खुदाई कर रहा था। फावड़े के हर प्रहार के साथ मौजूद सभी लोगों की धड़कने बढ़ती जाती थी। आखिरकार फावड़ा एक पंजा लेकर बाहर आया, जो शरीर से जुड़ा हुआ था। पुलिस अधिकारी साहब शव देखकर फावड़े वाले व्यक्ति को बोले- बस बस रहने दो। कुत्ता है। यह सुनकर वहां खड़े सभी लोगों के चेहरे पर मुस्कान तैर गई। 4 चलते-चलते.. राजनीति में उम्र बस एक नंबर होती है। जब तक पैर चलते हैं तब तक राजनीति चलती है। भाजपा के सीनियर नेता और पूर्वमंत्री राजेंद्र राठौड़ के पैर खूब चल रहे हैं। वे 70 वसंत देख चुके हैं। लेकिन अभी भी जमकर एक्सरसाइज करते हैं। खुद को फिट रखते हैं। चूरू के सरदारशहर में एक गोशाला के कार्यक्रम में पहुंच गए। सफेद धोती-सफेद कुर्ते में बड़े डैशिंग लग रहे थे। वहां एक महंत जी ने कान्हा का भजन गाना शुरू किया। पंडाल में सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे। माननीय नेताजी ने भजन की धुन पर डांस करना शुरू किया। और फिर क्या नाचे। खूब नाचे। जनता ने भी ताजी बजाकर भरपूर साथ दिया। इनपुट सहयोग- सुरेंद्र माथुर (सीकर), काका सिंह (श्रीगंगानगर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी..


