AI Buddhist Robot: जापान में क्योटो के ऐतिहासिक शोरेन-इन टेम्पल में हाल में एक नया भिक्षु देखा गया, जो न मांस-हड्डी का बना है और न ही उसने सालों तक तपस्या की है। क्योटो यूनिवर्सिटी ने यह ‘आध्यात्मिक रोबोट बुद्धरॉयड’ पेश किया है जो मंत्रों का उच्चारण करता है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) की मदद से लोगों को ‘आध्यात्मिक मार्गदर्शन’ दे रहा है।
दरअसल, जापान में यह नई बात नहीं है। 2019 में क्योटो के कोडाई-जी टेम्पल में ‘मिंडार’ नाम का रोबोट स्थापित किया गया था, जो देवी ‘कन्नन बोधिसत्व’ का प्रतिनिधित्व करता था। हालांकि, जहां मिंडार केवल रिकॉर्डेड प्रवचन देता था, वहीं नया बुद्धरॉयड लोगों के साथ संवाद करता है।
हजारों बौद्ध धर्मग्रंथों का ‘ज्ञान’
क्योटो यूनिवर्सिटी और दो टेक फर्म विकसित इस रोबोट का ‘दिमाग’ ओपनएआइ के चैटजीपीटी पर आधारित है। इसे हजारों प्राचीन बौद्ध धर्मग्रंथों पर विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है। चीनी कंपनी ‘यूनिटी रोबोटिक्स’ के हार्डवेयर की मदद से यह असली भिक्षु की तरह धीरे चलता है, झुककर प्रणाम करता है और हाथ जोड़कर प्रार्थना की मुद्रा बनाता है।
क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
बौद्ध धर्म में ‘उपस्थिति’ और ‘करुणा’ का बड़ा महत्व है। बुद्धरॉयड उन लोगों के लिए एक पुल का काम करेगा जो अकेलेपन से जूझ रहे हैं और जिन्हें धर्म की शरण में सुकून चाहिए। एक अनुमान के अनुसार, 2040 तक जापान के 30% बौद्ध मंदिर बंद हो सकते हैं। युवा पीढ़ी धर्म से दूर हो रही है और गांवों से शहरों की ओर पलायन कर रही है।


