पुतुल समारोह में एकलव्य की गाथा की प्रस्तुति:उज्जैन में विक्रम उत्सव में बच्चों ने सीखा कठपुतली का कौशल

पुतुल समारोह में एकलव्य की गाथा की प्रस्तुति:उज्जैन में विक्रम उत्सव में बच्चों ने सीखा कठपुतली का कौशल

महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ एवं संस्कृति संचालनालय द्वारा विक्रम उत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को आयोजित ‘पुतुल समारोह’ के दूसरे दिन दो प्रस्तुतियां हुईं। पुतुल समारोह के प्रथम चरण में डॉल्स थिएटर, कोलकाता द्वारा ‘द आर्चर स्टूड अलोन’ (निर्देशन: सुदीप गुप्ता) प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्तुति में एकलव्य की कथा को प्रभावी कठपुतली शैली में दिखाया गया, जिसे दर्शकों ने सराहा। द्वितीय चरण में मेहर द रूप, अहमदाबाद के कलाकारों ने ‘आठवां’ का कठपुतली मंचन किया। इस प्रस्तुति का निर्देशन मानसिंह झाला ने किया। दोनों प्रस्तुतियों में कलाकारों की सजीव अभिव्यक्ति और तकनीकी कौशल ने दर्शकों को बांधे रखा। इस अवसर पर शहर के एक्टिव इंग्लिश हाई स्कूल एवं रविन्द्र नाथ टैगोर स्कूल के लगभग 350 विद्यार्थी उपस्थित रहे। स्कूली बच्चों ने कठपुतलियों को हाथ में लेकर उन्हें चलाने का अनुभव भी प्राप्त किया। कठपुतली कला के प्रति बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। शनिवार को केरल और कोलकाता के कलाकार देंगे प्रस्तुति
पुतुल समारोह में 28 फरवरी को के.के. पुलवर मेमोरियल थोलपावाकुथु पपेट सेंटर, केरल द्वारा ‘दुर्योधन वधम्’ की प्रस्तुति दी जाएगी, जिसका निर्देशन रामचंद्र पुलवर करेंगे। दूसरी प्रस्तुति डॉल्स थिएटर, कोलकाता द्वारा ‘पदमगाथा’ की होगी, जिसका निर्देशन सुदीप गुप्ता द्वारा किया गया है। कठपुतली कला की पारंपरिक एवं रचनात्मक शैलियों का अद्भुत संगम दर्शकों को देखने को मिलेगा।

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