किशनगंज। अनन्य विशेष न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम दीपचंद पांडेय की अदालत ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के एक मामले में शुक्रवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने दो आरोपियों को अलग-अलग सजा सुनाई है। आरोपी मोहम्मद को 1 लाख 16 हजार रुपये का अर्थदंड आरोपी मोहम्मद रज्जाक को 15 वर्षों के सश्रम कारावास और 1 लाख 16 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। वहीं, दूसरे आरोपी छोटू मोदक को सात वर्षों के सश्रम कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड का आदेश दिया गया है। अर्थदंड की राशि जमा न करने पर आरोपियों को अतिरिक्त सजा काटनी होगी। पोक्सो अधिनियम के विशेष लोक अभियोजक मनीष कुमार साह ने अदालत में सजा के बिंदु पर प्रभावी जिरह की। उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजक की दलीलों के आधार पर अदालत ने यह फैसला सुनाया। यह मामला विशेष वाद संख्या 24/2020 और पहाड़कट्टा थाना कांड संख्या 25/2019 से संबंधित है। आरोपी मोहम्मद रज्जाक पर नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने का आरोप था, जबकि छोटू मोदक पर रज्जाक को इस अपराध में सहयोग करने का आरोप सिद्ध हुआ। अदालत ने पीड़िता को मुआवजे के तौर पर सरकार की ओर से पांच लाख रुपये और आरोपियों पर लगाए गए अर्थदंड की राशि में से कुल 1 लाख 31 हजार रुपये देने का भी आदेश पारित किया है। विशेष लोक अभियोजक मनीष कुमार साह ने अदालत में साक्ष्यों को मजबूती से प्रस्तुत करते हुए अधिकतम सजा की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। पोक्सो अधिनियम का उद्देश्य ऐसे मामलों में त्वरित न्याय और पीड़ितों को उचित मुआवजा सुनिश्चित करना है। किशनगंज। अनन्य विशेष न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम दीपचंद पांडेय की अदालत ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के एक मामले में शुक्रवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने दो आरोपियों को अलग-अलग सजा सुनाई है। आरोपी मोहम्मद को 1 लाख 16 हजार रुपये का अर्थदंड आरोपी मोहम्मद रज्जाक को 15 वर्षों के सश्रम कारावास और 1 लाख 16 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। वहीं, दूसरे आरोपी छोटू मोदक को सात वर्षों के सश्रम कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड का आदेश दिया गया है। अर्थदंड की राशि जमा न करने पर आरोपियों को अतिरिक्त सजा काटनी होगी। पोक्सो अधिनियम के विशेष लोक अभियोजक मनीष कुमार साह ने अदालत में सजा के बिंदु पर प्रभावी जिरह की। उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजक की दलीलों के आधार पर अदालत ने यह फैसला सुनाया। यह मामला विशेष वाद संख्या 24/2020 और पहाड़कट्टा थाना कांड संख्या 25/2019 से संबंधित है। आरोपी मोहम्मद रज्जाक पर नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने का आरोप था, जबकि छोटू मोदक पर रज्जाक को इस अपराध में सहयोग करने का आरोप सिद्ध हुआ। अदालत ने पीड़िता को मुआवजे के तौर पर सरकार की ओर से पांच लाख रुपये और आरोपियों पर लगाए गए अर्थदंड की राशि में से कुल 1 लाख 31 हजार रुपये देने का भी आदेश पारित किया है। विशेष लोक अभियोजक मनीष कुमार साह ने अदालत में साक्ष्यों को मजबूती से प्रस्तुत करते हुए अधिकतम सजा की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। पोक्सो अधिनियम का उद्देश्य ऐसे मामलों में त्वरित न्याय और पीड़ितों को उचित मुआवजा सुनिश्चित करना है।


