जमुई में साइबर जागरूकता पर नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम:लोगों को सिखाए बचाव के उपाय, अनजान कॉल-मैसेज से अलर्ट रहने की अपील

जमुई में साइबर जागरूकता पर नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम:लोगों को सिखाए बचाव के उपाय, अनजान कॉल-मैसेज से अलर्ट रहने की अपील

जमुई में पुलिस सप्ताह के तहत शुक्रवार को श्री कृष्णा सिंह स्टेडियम में साइबर जागरूकता पर एक विशेष नाटक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में एसपी विश्वजीत दयाल, साइबर डीएसपी राजन कुमार, लाइन डीएसपी, जमुई टाउन थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार, साइबर थाना प्रभारी कौशल कुमार सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और आम नागरिक उपस्थित थे। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सिपाहियों ने कई नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए, जिनमें साइबर धोखाधड़ी से बचने के व्यावहारिक तरीके समझाए गए। कलाकारों ने मोबाइल पर आने वाली संदिग्ध एपीके फाइलें, किसान सम्मान निधि से संबंधित फर्जी कॉल और ओटीपी साझा करने जैसी गलतियों से जुड़े खतरों को जीवंत दृश्यों के माध्यम से प्रदर्शित किया। दर्शकों ने इस पहल की सराहना की और कई लोगों ने प्रश्न पूछकर अतिरिक्त जानकारी भी प्राप्त की। अभियान बिहार पुलिस सप्ताह के अवसर पर चलाया जा रहा एसपी विश्वजीत दयाल ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि यह अभियान बिहार पुलिस सप्ताह के अवसर पर चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने जोर दिया कि वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और इनसे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका केवल जागरूकता ही है। “एम कवच-2” ऐप को मोबाइल में डाउनलोड रखने की सलाह दी एसपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश का उल्लेख करते हुए सलाह दी कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या व्हाट्सऐप लिंक का जवाब देने से पहले रुककर सोचें और उसकी सत्यता की जांच करें। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करना चाहिए और नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बिहार सरकार द्वारा जारी “एम कवच-2” ऐप को मोबाइल में डाउनलोड रखने की सलाह दी, जो संदिग्ध या छिपी हुई फाइलों की पहचान कर समय रहते धोखाधड़ी से बचने में मदद कर सकता है। जमुई में पुलिस सप्ताह के तहत शुक्रवार को श्री कृष्णा सिंह स्टेडियम में साइबर जागरूकता पर एक विशेष नाटक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में एसपी विश्वजीत दयाल, साइबर डीएसपी राजन कुमार, लाइन डीएसपी, जमुई टाउन थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार, साइबर थाना प्रभारी कौशल कुमार सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और आम नागरिक उपस्थित थे। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सिपाहियों ने कई नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए, जिनमें साइबर धोखाधड़ी से बचने के व्यावहारिक तरीके समझाए गए। कलाकारों ने मोबाइल पर आने वाली संदिग्ध एपीके फाइलें, किसान सम्मान निधि से संबंधित फर्जी कॉल और ओटीपी साझा करने जैसी गलतियों से जुड़े खतरों को जीवंत दृश्यों के माध्यम से प्रदर्शित किया। दर्शकों ने इस पहल की सराहना की और कई लोगों ने प्रश्न पूछकर अतिरिक्त जानकारी भी प्राप्त की। अभियान बिहार पुलिस सप्ताह के अवसर पर चलाया जा रहा एसपी विश्वजीत दयाल ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि यह अभियान बिहार पुलिस सप्ताह के अवसर पर चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने जोर दिया कि वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और इनसे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका केवल जागरूकता ही है। “एम कवच-2” ऐप को मोबाइल में डाउनलोड रखने की सलाह दी एसपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश का उल्लेख करते हुए सलाह दी कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या व्हाट्सऐप लिंक का जवाब देने से पहले रुककर सोचें और उसकी सत्यता की जांच करें। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करना चाहिए और नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बिहार सरकार द्वारा जारी “एम कवच-2” ऐप को मोबाइल में डाउनलोड रखने की सलाह दी, जो संदिग्ध या छिपी हुई फाइलों की पहचान कर समय रहते धोखाधड़ी से बचने में मदद कर सकता है।  

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