औरंगाबाद में बिहार पुलिस सप्ताह के तहत जन-जागरूकता और पुलिस-जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से पुलिस केंद्र में भव्य वॉलीबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में नवीनगर, जम्होर और हसपुरा की टीमों ने भाग लेकर खेल भावना और प्रतिस्पर्धा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्घाटन मगध रेंज के आईजी क्षत्रनिल सिंह ने खिलाड़ियों से परिचय हासिल कर और गेंद को सर्व कर मैच की औपचारिक शुरुआत की। इस अवसर पर जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक अम्बरीष राहुल ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और आयोजन की सराहना की। रोमांचक मुकाबला देखने को मिला टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों के बीच कड़ा और रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। सभी टीमों ने बेहतरीन तालमेल, अनुशासन और खेल कौशल का परिचय दिया। नबीनगर के टीम ने टॉस जीत कर साइड का चयन किया। नबीनगर की टीम में शुरुआती गेम में ही बढ़त बना लिया। खिलाड़ी समीर के हरफनमौला प्रदर्शन के बदौलत नबीनगर की टीम ने जम्होर को लगातार दो गेम हरा दिया। जम्होर के खिलाड़ियों ने वापसी के लिए पसीना बहाया और तीसरा गेम अपने नाम कर लिया। लेकिन चौथे गेम में नबीनगर की टीम ने जम्होर को फिर से हराकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। पुलिस-आम लोगों के बीच की दूरी को काम काम करने का माध्यम है खेल आईजी क्षत्रनिल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार पुलिस सप्ताह के तहत जिले के विभिन्न थानों में कई जन-सहभागिता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आमजन के बीच विश्वास, तालमेल और भाईचारे को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताएं समाज और पुलिस के बीच की दूरी को कम करने का प्रभावी माध्यम बनती हैं। इससे युवाओं को सकारात्मक दिशा मिलती है और उनमें अनुशासन व टीम भावना का विकास होता है। जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम है। इससे टीम भावना, सहयोग, समय की पाबंदी और नियमों के पालन की सीख मिलती है। खेल हमें हार-जीत को समान भावना से स्वीकार करने का संदेश देता है, जो जीवन के हर क्षेत्र में आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से सशक्त बनाते हैं। विजेता टीम को 25000 और उप विजेता टीम को 15000 का इनाम पुलिस अधीक्षक अम्बरीष राहुल ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य जनता और पुलिस के बीच की दूरी को मिटाकर एक दोस्ताना और सुरक्षित वातावरण तैयार करना है। जब पुलिस और समाज के लोग एक साथ मंच साझा करते हैं तो आपसी विश्वास और सहयोग की भावना स्वतः मजबूत होती है।कार्यक्रम के अंत में विजेता एवं उपविजेता टीमों को सम्मानित किया गया। विजेता टीम को 25,000 रुपये, उपविजेता जम्होर टीम को 15,000 रुपये और तृतीय स्थान हासिल करने वाली हसपुरा टीम को 10,000 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
साथ ही बिहार पुलिस सप्ताह के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों और जन-सहयोग गतिविधियों के सफल आयोजन के लिए आईजी क्षत्रनिल सिंह ने पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पुलिस प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मदनपुर एसडीपीओ चंदन कुमार, ट्रैफिक डीएसपी मनोज कुमार, पुलिस केंद्र डीएसपी आकाश यादव, साइबर डीएसपी अनुराग कुमार, प्रशिक्षु डीएसपी ज्योति कुमारी, पुलिस पदाधिकारी रन्नजय सिंह, नवीनगर थानाध्यक्ष मृत्युंजय उपाध्याय सहित कई अन्य अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन ने पुलिस और समाज के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की। औरंगाबाद में बिहार पुलिस सप्ताह के तहत जन-जागरूकता और पुलिस-जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से पुलिस केंद्र में भव्य वॉलीबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में नवीनगर, जम्होर और हसपुरा की टीमों ने भाग लेकर खेल भावना और प्रतिस्पर्धा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्घाटन मगध रेंज के आईजी क्षत्रनिल सिंह ने खिलाड़ियों से परिचय हासिल कर और गेंद को सर्व कर मैच की औपचारिक शुरुआत की। इस अवसर पर जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक अम्बरीष राहुल ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और आयोजन की सराहना की। रोमांचक मुकाबला देखने को मिला टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों के बीच कड़ा और रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। सभी टीमों ने बेहतरीन तालमेल, अनुशासन और खेल कौशल का परिचय दिया। नबीनगर के टीम ने टॉस जीत कर साइड का चयन किया। नबीनगर की टीम में शुरुआती गेम में ही बढ़त बना लिया। खिलाड़ी समीर के हरफनमौला प्रदर्शन के बदौलत नबीनगर की टीम ने जम्होर को लगातार दो गेम हरा दिया। जम्होर के खिलाड़ियों ने वापसी के लिए पसीना बहाया और तीसरा गेम अपने नाम कर लिया। लेकिन चौथे गेम में नबीनगर की टीम ने जम्होर को फिर से हराकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। पुलिस-आम लोगों के बीच की दूरी को काम काम करने का माध्यम है खेल आईजी क्षत्रनिल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार पुलिस सप्ताह के तहत जिले के विभिन्न थानों में कई जन-सहभागिता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आमजन के बीच विश्वास, तालमेल और भाईचारे को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताएं समाज और पुलिस के बीच की दूरी को कम करने का प्रभावी माध्यम बनती हैं। इससे युवाओं को सकारात्मक दिशा मिलती है और उनमें अनुशासन व टीम भावना का विकास होता है। जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम है। इससे टीम भावना, सहयोग, समय की पाबंदी और नियमों के पालन की सीख मिलती है। खेल हमें हार-जीत को समान भावना से स्वीकार करने का संदेश देता है, जो जीवन के हर क्षेत्र में आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से सशक्त बनाते हैं। विजेता टीम को 25000 और उप विजेता टीम को 15000 का इनाम पुलिस अधीक्षक अम्बरीष राहुल ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य जनता और पुलिस के बीच की दूरी को मिटाकर एक दोस्ताना और सुरक्षित वातावरण तैयार करना है। जब पुलिस और समाज के लोग एक साथ मंच साझा करते हैं तो आपसी विश्वास और सहयोग की भावना स्वतः मजबूत होती है।कार्यक्रम के अंत में विजेता एवं उपविजेता टीमों को सम्मानित किया गया। विजेता टीम को 25,000 रुपये, उपविजेता जम्होर टीम को 15,000 रुपये और तृतीय स्थान हासिल करने वाली हसपुरा टीम को 10,000 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
साथ ही बिहार पुलिस सप्ताह के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों और जन-सहयोग गतिविधियों के सफल आयोजन के लिए आईजी क्षत्रनिल सिंह ने पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पुलिस प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मदनपुर एसडीपीओ चंदन कुमार, ट्रैफिक डीएसपी मनोज कुमार, पुलिस केंद्र डीएसपी आकाश यादव, साइबर डीएसपी अनुराग कुमार, प्रशिक्षु डीएसपी ज्योति कुमारी, पुलिस पदाधिकारी रन्नजय सिंह, नवीनगर थानाध्यक्ष मृत्युंजय उपाध्याय सहित कई अन्य अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन ने पुलिस और समाज के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की।


