भारत का डिजिटल पेमेंट बाजार जल्द एक और बड़े ग्लोबल खिलाड़ी का स्वागत कर सकता है। Apple Inc. देश में अपनी पेमेंट सर्विस एप्पल पे शुरू करने की तैयारी में है। मौजूद जानकारी के अनुसार कंपनी इस सेवा को 2026 के मध्य तक लॉन्च करने की योजना पर काम कर रही है, हालांकि टाइमलाइन में बदलाव संभव बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि एप्पल ने इस सिलसिले में ICICI बैंक लिमिटेड, HDFC बैंक लिमिटेड और एक्सिस बैंक लिमिटेड। जैसे प्रमुख बैंकों के साथ बातचीत शुरू की है। इसके अलावा कार्ड नेटवर्क कंपनियों Visa Inc. और Mastercard Inc. से भी चर्चा जारी है।
गौरतलब है कि भारत में एप्पल पे को सिर्फ कार्ड आधारित भुगतान तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे सरकार समर्थित नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडियाद्वारा संचालित यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI के साथ भी जोड़ा जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो आईफ़ोन यूजर्स सीधे UPI के जरिए भुगतान कर सकेंगे।
बता दें कि भारत में पहले से ही गूगल पे और फोनपे जैसे बड़े प्लेटफॉर्म UPI पर सक्रिय हैं। इसके अलावा Paytm जैसे घरेलू खिलाड़ी भी बाजार में मजबूत उपस्थिति रखते हैं। ऐसे में एप्पल के लिए प्रतिस्पर्धा आसान नहीं मानी जा रही है।
डिजिटल भुगतान के लिहाज से भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में शामिल है। 75 करोड़ से अधिक स्मार्टफोन यूजर्स और सस्ते मोबाइल डेटा ने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को आम बना दिया है। वहीं 2025 के अंत में भारतीय रिजर्व बैंक ने डिजिटल भुगतान में फिंगरप्रिंट और फेस ऑथेंटिकेशन जैसे बायोमेट्रिक तरीकों को मंजूरी दी थी। एप्पल पे पहले से ही Face ID और Touch ID के जरिए भुगतान को मंजूरी देता है, जिससे इसे तकनीकी बढ़त मिल सकती है।
एप्पल के लिए यह कदम सिर्फ पेमेंट सर्विस तक सीमित नहीं है। कंपनी भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल मौजूदगी भी तेजी से बढ़ा रही है। हाल ही में मुंबई में उसका नया स्टोर खुला है। कंपनी के सीईओ टिम कुक कई बार कह चुके हैं कि भारत कंपनी के लिए तेजी से उभरता हुआ बाजार है।
इसके साथ ही एप्पल भारत को एक बड़े उत्पादन केंद्र के रूप में भी विकसित कर रहा है, जहां से आईफ़ोन का निर्यात अमेरिका समेत अन्य देशों में किया जा रहा है। इससे कंपनी को सप्लाई चेन में विविधता लाने और चीन पर निर्भरता कम करने में मदद मिली है।
अगर एप्पल पे भारत में UPI सपोर्ट के साथ लॉन्च होता है तो यह न सिर्फ डिजिटल भुगतान बाजार में नई प्रतिस्पर्धा पैदा करेगा बल्कि एप्पल के हार्डवेयर और सर्विस रेवेन्यू दोनों के लिए बड़ा अवसर साबित हो सकता है और फिलहाल इस संभावित लॉन्च को लेकर बाजार में उत्सुकता बनी हुई है।


