औरंगाबाद के अतिनक्सल प्रभावित क्षेत्र रहे देवजरा में बहुप्रतीक्षित मॉडल थाना भवन का निर्माण पूरा होने के बाद उसे औपचारिक रूप से जिला पुलिस को हस्तांतरित कर दिया गया। मगध रेंज की आईजी क्षत्रनिल ने फीता काटकर, नारियल फोड़कर और पूजा-अर्चना के साथ भवन का उद्घाटन किया। पूजा विधि पंडित मिथलेश पाठक की ओर से संपन्न कराई गई। करीब चार करोड़ रुपये की लागत से बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम की ओर से निर्मित इस आधुनिक थाना भवन को सहायक अभियंता शुभम् कुमार और जेई गोरे लाल राजवंश ने जिला पुलिस प्रशासन को हैंडओवर किया। आईजी क्षत्रनिल ने बताया कि जिले के नवस्थापित आंजन थाना, देवजरा थाना और देव प्रखंड के कंचनपुर थाना में अब विधिवत पुलिसिंग शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण विभाग की ओर से आधुनिक सुविधाओं से लैस थाना भवन तैयार किया गया है, जिससे पुलिसिंग को मजबूती मिलेगी। एसपी अंबरीष राहुल ने कहा कि देवजरा नक्सल प्रभावित इलाका रहा है और पहले यहां जघन्य नरसंहार की घटनाएं हुई थीं। इसी कारण यहां विशेष सुविधायुक्त थाना भवन का निर्माण कराया गया है। ड़क निर्माण का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा थाना तक सुगम पहुंच के लिए बाईपास सड़क निर्माण का प्रस्ताव भी सरकार को भेजा जाएगा। इस मौके पर एसडीपीओ सदर टू चंदन कुमार, प्रशिक्षु डीएसपी ज्योति कुमारी, प्रशिक्षु डीएसपी अभिषेक कुमार, थाना अध्यक्ष राजेश कुमार, एसआई रोहित कुमार सहित कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। नक्सलियों ने की थी मुखिया समेत 7 लोगों की हत्या देवजरा क्षेत्र पूर्व में नक्सल गतिविधियों के कारण चर्चित रहा है। साल 2000 में बबन सिंह की नक्सलियों की ओर से हत्या कर दी गई थी। इसके बाद 2006 में घोडाडिहरी पंचायत के पूर्व मुखिया व पूर्व जिला परिषद सदस्य अशोक कुमार सिंह समेत सात लोगों की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। घटना के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं यहां पहुंचे थे और थाना निर्माण की घोषणा की थी। थाना निर्माण के लिए देवजरा निवासी स्व. बबन सिंह के वंशज और पूर्व मुखिया प्रतिनिधि पवन कुमार सिंह उर्फ बाबू सिंह ने दो बीघा से अधिक भूमि दान में दी। भूमि दाता पवन कुमार सिंह ने कहा कि थाना बन जाने से क्षेत्र के लोगों में खुशी है। लंबे समय से इसकी प्रतीक्षा की जा रही थी। अब विधि-व्यवस्था से संबंधित काम के लिए लोगों को मदनपुर थाना नहीं जाना पड़ेगा। विधायक ने सदन में उठाया था थाना भवन हस्तांतरित का मामला गौरतलब है कि स्थानीय विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने थाना भवन का निर्माण काम पूरा होने के बावजूद संचालन शुरू नहीं होने का मुद्दा विधानसभा में उठाया था। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया तेज हुई और अब विधिवत हस्तांतरण के साथ थाना संचालन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। कार्यक्रम में दिनेश कुमार सिंह, विन्देश्वर सिंह, बसंत सिंह, पंकज कुमार सिंह, मंटू सिंह, रामदीप सिंह, विनय कुमार सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। थाना के शुरू होने से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होने और विकास काम को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। औरंगाबाद के अतिनक्सल प्रभावित क्षेत्र रहे देवजरा में बहुप्रतीक्षित मॉडल थाना भवन का निर्माण पूरा होने के बाद उसे औपचारिक रूप से जिला पुलिस को हस्तांतरित कर दिया गया। मगध रेंज की आईजी क्षत्रनिल ने फीता काटकर, नारियल फोड़कर और पूजा-अर्चना के साथ भवन का उद्घाटन किया। पूजा विधि पंडित मिथलेश पाठक की ओर से संपन्न कराई गई। करीब चार करोड़ रुपये की लागत से बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम की ओर से निर्मित इस आधुनिक थाना भवन को सहायक अभियंता शुभम् कुमार और जेई गोरे लाल राजवंश ने जिला पुलिस प्रशासन को हैंडओवर किया। आईजी क्षत्रनिल ने बताया कि जिले के नवस्थापित आंजन थाना, देवजरा थाना और देव प्रखंड के कंचनपुर थाना में अब विधिवत पुलिसिंग शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण विभाग की ओर से आधुनिक सुविधाओं से लैस थाना भवन तैयार किया गया है, जिससे पुलिसिंग को मजबूती मिलेगी। एसपी अंबरीष राहुल ने कहा कि देवजरा नक्सल प्रभावित इलाका रहा है और पहले यहां जघन्य नरसंहार की घटनाएं हुई थीं। इसी कारण यहां विशेष सुविधायुक्त थाना भवन का निर्माण कराया गया है। ड़क निर्माण का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा थाना तक सुगम पहुंच के लिए बाईपास सड़क निर्माण का प्रस्ताव भी सरकार को भेजा जाएगा। इस मौके पर एसडीपीओ सदर टू चंदन कुमार, प्रशिक्षु डीएसपी ज्योति कुमारी, प्रशिक्षु डीएसपी अभिषेक कुमार, थाना अध्यक्ष राजेश कुमार, एसआई रोहित कुमार सहित कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। नक्सलियों ने की थी मुखिया समेत 7 लोगों की हत्या देवजरा क्षेत्र पूर्व में नक्सल गतिविधियों के कारण चर्चित रहा है। साल 2000 में बबन सिंह की नक्सलियों की ओर से हत्या कर दी गई थी। इसके बाद 2006 में घोडाडिहरी पंचायत के पूर्व मुखिया व पूर्व जिला परिषद सदस्य अशोक कुमार सिंह समेत सात लोगों की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। घटना के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं यहां पहुंचे थे और थाना निर्माण की घोषणा की थी। थाना निर्माण के लिए देवजरा निवासी स्व. बबन सिंह के वंशज और पूर्व मुखिया प्रतिनिधि पवन कुमार सिंह उर्फ बाबू सिंह ने दो बीघा से अधिक भूमि दान में दी। भूमि दाता पवन कुमार सिंह ने कहा कि थाना बन जाने से क्षेत्र के लोगों में खुशी है। लंबे समय से इसकी प्रतीक्षा की जा रही थी। अब विधि-व्यवस्था से संबंधित काम के लिए लोगों को मदनपुर थाना नहीं जाना पड़ेगा। विधायक ने सदन में उठाया था थाना भवन हस्तांतरित का मामला गौरतलब है कि स्थानीय विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने थाना भवन का निर्माण काम पूरा होने के बावजूद संचालन शुरू नहीं होने का मुद्दा विधानसभा में उठाया था। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया तेज हुई और अब विधिवत हस्तांतरण के साथ थाना संचालन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। कार्यक्रम में दिनेश कुमार सिंह, विन्देश्वर सिंह, बसंत सिंह, पंकज कुमार सिंह, मंटू सिंह, रामदीप सिंह, विनय कुमार सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। थाना के शुरू होने से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होने और विकास काम को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


