40 मास्टर रिसोर्स वर्कर्स ने किया HIV ट्रेनिंग में पार्टिसिपेट:अररिया में स्वास्थ्य विभाग का AIDS कंट्रोल के लिए कार्यक्रम

40 मास्टर रिसोर्स वर्कर्स ने किया HIV ट्रेनिंग में पार्टिसिपेट:अररिया में स्वास्थ्य विभाग का AIDS कंट्रोल के लिए कार्यक्रम

अररिया के जीरोमाइल स्थित एक आवासीय होटल परिसर में स्वास्थ्य विभाग ने एचआईवी एड्स नियंत्रण के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य वैश्विक लक्ष्य 95-95-99 की प्राप्ति करना है। इस प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए 40 मास्टर संसाधन सेवियों ने भाग लिया। ये सेवी आगे ग्रामीण और शहरी स्तर पर एचआईवी जागरूकता और सेवाओं का प्रसार करेंगे। कार्यक्रम का उद्घाटन संचारी रोग सह जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. आकाश कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मचारी और अधिकारी मौजूद रहे। प्रशिक्षण के दौरान 95-95-99 लक्ष्य को विस्तार से समझाया प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य एचआईवी संक्रमण की रोकथाम, समय पर जांच, उपचार और वायरल लोड सप्रेशन को मजबूत करना था। इसका लक्ष्य जिला स्तर पर एड्स को सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में समाप्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाना है। डॉ. आकाश कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान 95-95-99 लक्ष्य को विस्तार से समझाया। यह निर्धारित वैश्विक रणनीति का हिस्सा है, जो 2030 तक एड्स को समाप्त करने का मार्ग प्रशस्त करता है। इस लक्ष्य का अर्थ है: 95% एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों को अपनी स्थिति की जानकारी हो, 95% ज्ञात संक्रमित व्यक्तियों को एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) से जोड़ा जाए, और ART लेने वाले 99% व्यक्तियों में वायरल लोड का पूर्ण सप्रेशन हो। जागरूकता फैलाने की तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी गई यह लक्ष्य सुनिश्चित करता है कि संक्रमित व्यक्ति न केवल उपचार प्राप्त करें, बल्कि वायरस का प्रसार भी रुक जाए, जिससे नए संक्रमणों को रोका जा सके। प्रशिक्षण में मास्टर संसाधन सेवियों को एचआईवी जांच, ART केंद्रों की जानकारी, स्टिग्मा कम करने, काउंसलिंग और समुदाय स्तर पर जागरूकता फैलाने की तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले में एचआईवी नियंत्रण को और सशक्त बनाएंगे, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां जागरूकता की कमी एक बड़ी चुनौती है। यह पहल न केवल जिले के लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए प्रेरणादायक है, जो दर्शाती है कि सामूहिक प्रयासों से एचआईवी एड्स जैसी महामारी को नियंत्रित किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी लोगों से नियमित जांच कराने और संक्रमित व्यक्तियों से बिना भेदभाव के उपचार लेने का आह्वान किया है। अररिया के जीरोमाइल स्थित एक आवासीय होटल परिसर में स्वास्थ्य विभाग ने एचआईवी एड्स नियंत्रण के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य वैश्विक लक्ष्य 95-95-99 की प्राप्ति करना है। इस प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए 40 मास्टर संसाधन सेवियों ने भाग लिया। ये सेवी आगे ग्रामीण और शहरी स्तर पर एचआईवी जागरूकता और सेवाओं का प्रसार करेंगे। कार्यक्रम का उद्घाटन संचारी रोग सह जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. आकाश कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मचारी और अधिकारी मौजूद रहे। प्रशिक्षण के दौरान 95-95-99 लक्ष्य को विस्तार से समझाया प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य एचआईवी संक्रमण की रोकथाम, समय पर जांच, उपचार और वायरल लोड सप्रेशन को मजबूत करना था। इसका लक्ष्य जिला स्तर पर एड्स को सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में समाप्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाना है। डॉ. आकाश कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान 95-95-99 लक्ष्य को विस्तार से समझाया। यह निर्धारित वैश्विक रणनीति का हिस्सा है, जो 2030 तक एड्स को समाप्त करने का मार्ग प्रशस्त करता है। इस लक्ष्य का अर्थ है: 95% एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों को अपनी स्थिति की जानकारी हो, 95% ज्ञात संक्रमित व्यक्तियों को एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) से जोड़ा जाए, और ART लेने वाले 99% व्यक्तियों में वायरल लोड का पूर्ण सप्रेशन हो। जागरूकता फैलाने की तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी गई यह लक्ष्य सुनिश्चित करता है कि संक्रमित व्यक्ति न केवल उपचार प्राप्त करें, बल्कि वायरस का प्रसार भी रुक जाए, जिससे नए संक्रमणों को रोका जा सके। प्रशिक्षण में मास्टर संसाधन सेवियों को एचआईवी जांच, ART केंद्रों की जानकारी, स्टिग्मा कम करने, काउंसलिंग और समुदाय स्तर पर जागरूकता फैलाने की तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले में एचआईवी नियंत्रण को और सशक्त बनाएंगे, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां जागरूकता की कमी एक बड़ी चुनौती है। यह पहल न केवल जिले के लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए प्रेरणादायक है, जो दर्शाती है कि सामूहिक प्रयासों से एचआईवी एड्स जैसी महामारी को नियंत्रित किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी लोगों से नियमित जांच कराने और संक्रमित व्यक्तियों से बिना भेदभाव के उपचार लेने का आह्वान किया है।  

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