Obesity Treatment: भारत में मोटापा कम करने वाली दवाओं का बाजार जल्द ही बड़ा बदलाव देखने वाला है। इस साल वेट लॉस इंजेक्शन की कीमतें काफी कम हो सकती हैं, जिससे इलाज पहले के मुकाबले ज्यादा लोगों की पहुंच में आ जाएगा। लेकिन जहां सस्ती दवा एक अच्छी खबर है, वहीं डॉक्टर इसके गलत इस्तेमाल को लेकर चेतावनी भी दे रहे हैं।
वेट लॉस दवाएं सस्ती क्यों होने वाली हैं?
अभी जिन दवाओं से वजन कम किया जाता है, उनमें एक खास तत्व इस्तेमाल होता है सेमाग्लूटाइड। यह पहले टाइप 2 डायबिटीज के इलाज के लिए बनाया गया था, लेकिन बाद में वजन कम करने में असरदार साबित हुआ। अब इसका पेटेंट खत्म होने वाला है, इसलिए कई भारतीय दवा कंपनियां इसके सस्ते जेनेरिक वर्जन बाजार में लाने की तैयारी कर रही हैं। जैसे Dr. Reddy’s Laboratories, Zydus Lifesciences, Sun Pharma और Natco Pharma।
जब एक ही दवा के कई सस्ते विकल्प बाजार में आएंगे, तो कीमतें अपने-आप कम हो जाएंगी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कीमतों में करीब 50-60% तक गिरावट आ सकती है।
कितना सस्ता हो सकता है इलाज?
अभी यह दवा हर महीने लगभग 10,000 रुपये तक पड़ती है। लेकिन जेनेरिक वर्जन आने के बाद इसकी कीमत करीब 3,500 से 4,000 रुपये प्रति महीने तक आ सकती है। इससे पहले जो इलाज बहुत महंगा और सीमित लोगों तक था, वह अब ज्यादा लोगों के लिए उपलब्ध हो सकता है।
सस्ती दवा के साथ बढ़ेगा खतरा भी
कीमत कम होना अच्छी बात है, लेकिन डॉक्टरों को डर है कि लोग बिना डॉक्टर की सलाह के इसका इस्तेमाल शुरू कर देंगे। Dr Rahul Jain,बताते हैं कि यह दवा कोई जादुई इलाज नहीं है। इसे बिना मेडिकल जांच के लेना खतरनाक हो सकता है। यह दवा भूख, पाचन और ब्लड शुगर पर असर डालती है, इसलिए डॉक्टर की निगरानी जरूरी है।
गलत तरीके से इस्तेमाल करने के खतरे
अगर बिना सलाह के इंजेक्शन लिया जाए तो ये समस्याएं हो सकती हैं:
- तेज उल्टी और मतली
- पैंक्रियाटाइटिस (अग्न्याशय में सूजन)
- पित्ताशय की समस्या
- थायरॉइड से जुड़े जोखिम
- बहुत कम खाने से पोषण की कमी
इसके अलावा, अगर दवा बंद करने के बाद लाइफस्टाइल नहीं बदली तो वजन जल्दी वापस भी बढ़ सकता है।
किसे लेनी चाहिए वेट लॉस इंजेक्शन?
डॉक्टर तभी यह दवा लेने की सलाह देते हैं जब BMI 30 या उससे ज्यादा हो, BMI 27 से ज्यादा हो और मोटापे से जुड़ी बीमारी हो डाइट और एक्सरसाइज से वजन कम न हो रहा हो। वेट लॉस इंजेक्शन कोई शॉर्टकट नहीं है। सही डाइट, नियमित एक्सरसाइज और डॉक्टर की निगरानी के साथ ही इसका इस्तेमाल सुरक्षित और असरदार होता है।


