नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE के चीफ आशीष कुमार चौहान का कहना है कि भारत अब AI की दुनिया में एक बड़ी ताकत बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। उनका मानना है कि जैसे 90 के दशक में भारत ने दुनिया भर में अपनी आईटी सर्विस की पहचान बनाई थी, ठीक वैसे ही अब भारत दुनिया में AI का सबसे बड़ा यूजर और सर्विस सेंटर बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि भारत के पास युवाओं की एक ऐसी आबादी है जो तकनीक को बहुत जल्दी अपनाती है और यही लोग भारत को AI के क्षेत्र में दुनिया का लीडर बनाएंगे। चौहान ने यह बात 27 फरवरी को मुंबई में आयोजित ‘IMC भारत कॉलिंग कॉन्फ्रेंस 2026’ के दौरान कही। दुनिया से मुकाबला करने को तैयार भारत आशीष चौहान ने यह भी बताया कि भारत अब सिर्फ सॉफ्टवेयर ही नहीं, बल्कि एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, रोबोटिक्स, बायोटेक और सेमीकंडक्टर्स जैसे नए क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनका कहना है कि जब AI और ये सभी क्षेत्र आपस में जुड़ेंगे, तो एक ऐसा सिस्टम तैयार होगा जो दुनिया भर के देशों का मुकाबला कर सकेगा। चौहान के मुताबिक, इन नई तकनीकों के आने से काम करने की क्षमता बढ़ेगी और पूरी दुनिया में भारत की सर्विस और पहचान और भी ज्यादा मजबूत होगी।
नई पार्टनरशिप और तकनीक के मेल से सफलता मिलेगी आशीष चौहान ने यह भी कहा कि भारत के दूसरे देशों जैसे अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के साथ बेहतर होते रिश्तों से हमारी तरक्की को और रफ्तार मिलेगी। उनका मानना है कि सरकार की मदद, दुनिया भर से साझेदारी और नई तकनीक के सही तालमेल से हम AI के दौर में भी वही बड़ी सफलता पा सकते हैं, जो हमने आईटी सेक्टर में पाई थी। उन्होंने याद दिलाया कि जैसे 90 के दशक में युवाओं ने भारत को आईटी का ग्लोबल लीडर बनाया, वैसे ही आज के युवा भी भारत को AI में सबसे आगे ले जा सकते हैं। चौहान के मुताबिक, भारत अब उस मुकाम पर है जहां तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग की ताकत को जोड़कर हम दुनिया में एक बड़ा मुकाम हासिल कर सकते हैं।
कॉन्फ्रेंस का मकसद क्या है? ‘IMC भारत कॉलिंग कॉन्फ्रेंस 2026’ में देश के बड़े दिग्गज और सरकार के नीति बनाने वाले लोग जुटे हैं। इनका लक्ष्य एक ऐसा रोडमैप तैयार करना है जिससे भारत दुनिया के लिए सामान बनाने और उसे दूसरे देशों को बेचने का सबसे बड़ा केंद्र बन सके। लाखों नौकरियों का मौका एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर सरकार का साथ मिले और युवाओं को सही ट्रेनिंगदी जाए, तो भारत पूरी दुनिया के लिए AI सर्विसेज का हब बन सकता है। जैसे आईटी सेक्टर ने देश को लाखों नौकरियां और अरबों डॉलर की कमाई दी थी, ठीक वैसी ही ग्रोथ और रोजगार के मौके अब AI के जरिए भी मिल सकते हैं।


