हरदा जिले में नेशनल हाईवे 47 (हंडिया से टेमागांव) पर वर्ष 2023-24 में हुए लगभग 40 करोड़ रुपये के विद्युत लाइन शिफ्टिंग कार्य में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। एनएचएआई और मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कराए गए इस कार्य में बिना जीआई पाइप के अंडरग्राउंड केबल डालने और अमानक खंभे लगाने का बड़ा गोलमाल हुआ है। फिलहाल अधिकांश केबल खराब पड़ी हैं, नियमों को ताक पर रखकर 18 जगहों पर हाईवे के ऊपर से तार गुजारे गए हैं और मामले में कलेक्टर ने जांच कराने की बात कही है। यह कार्य एनएचएआई ने मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी से ‘सुपरविजन योजना’ के तहत कराया था। परियोजना में डाली गई अंडरग्राउंड विद्युत केबल चालू होते ही खराब हो गई। नियमानुसार अंडरग्राउंड केबलिंग में जीआई पाइप डाले जाने चाहिए, लेकिन इस कार्य में उन्हें नहीं लगाया गया। बिजली कंपनी ने पूरे कार्य को क्लियरेंस दे दिया था, जिसके कारण अब गारंटी अवधि के बाद भी केबल नहीं बदली जा सकी है, क्योंकि इसके लिए हाईवे खोदने और एनएचएआई से अनुमति लेने की आवश्यकता होगी। तत्कालीन उप महाप्रबंधक एसटीसी नर्मदापुरम विनीत कुमार बागड़े ने इस कार्य का अधूरा हैंडओवर लिया था।
खंभों की ऊंचाई और वजन में हुआ बड़ा गोलमाल दूसरी बड़ी अनियमितता लोहे के पोल लगाने में सामने आई है। 33 केवी लाइन के लिए 15 मीटर के खंभों की जगह 13 मीटर के पोल लगाए गए हैं, जबकि 11 केवी लाइन में 13 मीटर के स्थान पर 11 मीटर के पोल ही लगाए गए। इसके अलावा, एचबी पोल भी 37.1 किलोग्राम के बजाय 30 किलोग्राम के अमानक स्तर के लगाए गए हैं। 20 किलोमीटर के प्रोजेक्ट में 560 पोल का घोटाला तकनीकी हिसाब से देखा जाए तो एक किलोमीटर क्षेत्र में 14 पोल लगते हैं। हरदा जिले के हंडिया से टेमागांव तक लगभग 20 किलोमीटर के इस प्रोजेक्ट में 560 पोल लगाने में बड़ा गोलमाल किया गया है। दैनिक भास्कर डिजिटल के पास इस पूरे मामले और अनियमितताओं से संबंधित सभी अहम दस्तावेज मौजूद हैं। नियमों का उल्लंघन कर 18 जगह हाईवे के ऊपर से गुजारी लाइन अंडरग्राउंड केबल खराब होने के कारण 18 स्थानों पर नियमों का सीधा उल्लंघन करते हुए बिजली लाइन को हाईवे के ऊपर से क्रॉस कर दिया गया है। अधिकांश स्थानों पर केबल आज भी खराब पड़ी हुई है। नियमानुसार हाईवे के ऊपर से कोई बिजली लाइन क्रॉस नहीं हो सकती है। इसके अलावा अंडरग्राउंड केबल दो डाली जाती हैं, ताकि एक खराब होने पर दूसरी से काम चलता रहे। जीआई पाइप इसलिए डाले जाते हैं ताकि केबल खराब होने पर उसे तत्काल खींचकर बदला जा सके और हाईवे खोदने की जरूरत ही न पड़े। जीएम बोले- तकनीकी मुद्दों की जांच के बाद बताएंगे इस मामले पर तत्कालीन उप महाप्रबंधक और वर्तमान जीएम वीके बागड़े ने कहा कि उन्हें फाइल देखनी पड़ेगी और तकनीकी मुद्दों की जांच के बाद ही कुछ बताया जा सकता है। बताया जा रहा है कि नवंबर 2024 में जीएम बागड़े को विभाग ने इस संबंध में एक चेतावनी पत्र भी दिया था। कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश 40 करोड़ रुपए के इस बड़े प्रोजेक्ट में सामने आई इन गंभीर गड़बड़ियों को लेकर प्रशासन भी हरकत में आ गया है। मामले पर हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने कहा है कि मामले में अनियमितता पाए जाने पर जांच कराई जाएगी।


