औरंगाबाद में इंटरमीडिएट परीक्षा की उत्तर-पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य आज यानी शुक्रवार से शुरू हो गया है। शहर के 5 केंद्रों पर यह प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हो रही है। 2 मार्च से जिले के 6 केंद्रों पर मैट्रिक परीक्षा की कॉपियों की जांच शुरू होगी। इंटर का मूल्यांकन 10 मार्च तक चलेगा। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में कॉपियों की जांच की जा रही है। मूल्यांकन कक्ष में मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। केवल डायरेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट को ही मोबाइल रखने की अनुमति है। केंद्र के 200 गज की परिधि में धारा 144 लागू कर दी गई है और अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक है। ओवरराइटिंग या कटिंग नहीं कर सकते विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारी के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई है। बोर्ड ने स्टेप वाइज मार्किंग का निर्देश दिया है, ताकि परीक्षार्थियों को प्रत्येक प्रश्न के उत्तर के अनुसार उचित अंक मिल सके। उत्तर-पुस्तिकाएं पूरी तरह बारकोडेड हैं, जिससे परीक्षार्थी की पहचान गोपनीय बनी रहेगी। मार्क्स फाइल और अवार्ड सीट पर व्हाइटनर, ओवरराइटिंग या कटिंग पूरी तरह वर्जित है।
सुबह 8 से शाम 5 बजे तक कॉपियों की होगी जांच शहर के एसएस सिन्हा कॉलेज, आरएलएसवाई कॉलेज और केएसएम कॉलेज में मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। एसएस सिन्हा कॉलेज और केएसएम कॉलेज में 2-2 केंद्र संचालित हो रहे हैं। रोज सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक कॉपियों की जांच होगी। निर्धारित कार्य पूरा नहीं होने पर परीक्षकों को शाम 6 बजे तक रुकना होगा। डीईओ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि इंटर-मैट्रिक का मूल्यांकन महत्वपूर्ण है। सभी परीक्षक, प्रधान परीक्षक, एमपीपी, मेकर, चेकर और सुपरवाइजर को 26 फरवरी को ट्रेनिंग दी गई है। औरंगाबाद में इंटरमीडिएट परीक्षा की उत्तर-पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य आज यानी शुक्रवार से शुरू हो गया है। शहर के 5 केंद्रों पर यह प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हो रही है। 2 मार्च से जिले के 6 केंद्रों पर मैट्रिक परीक्षा की कॉपियों की जांच शुरू होगी। इंटर का मूल्यांकन 10 मार्च तक चलेगा। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में कॉपियों की जांच की जा रही है। मूल्यांकन कक्ष में मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। केवल डायरेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट को ही मोबाइल रखने की अनुमति है। केंद्र के 200 गज की परिधि में धारा 144 लागू कर दी गई है और अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक है। ओवरराइटिंग या कटिंग नहीं कर सकते विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारी के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई है। बोर्ड ने स्टेप वाइज मार्किंग का निर्देश दिया है, ताकि परीक्षार्थियों को प्रत्येक प्रश्न के उत्तर के अनुसार उचित अंक मिल सके। उत्तर-पुस्तिकाएं पूरी तरह बारकोडेड हैं, जिससे परीक्षार्थी की पहचान गोपनीय बनी रहेगी। मार्क्स फाइल और अवार्ड सीट पर व्हाइटनर, ओवरराइटिंग या कटिंग पूरी तरह वर्जित है।
सुबह 8 से शाम 5 बजे तक कॉपियों की होगी जांच शहर के एसएस सिन्हा कॉलेज, आरएलएसवाई कॉलेज और केएसएम कॉलेज में मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। एसएस सिन्हा कॉलेज और केएसएम कॉलेज में 2-2 केंद्र संचालित हो रहे हैं। रोज सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक कॉपियों की जांच होगी। निर्धारित कार्य पूरा नहीं होने पर परीक्षकों को शाम 6 बजे तक रुकना होगा। डीईओ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि इंटर-मैट्रिक का मूल्यांकन महत्वपूर्ण है। सभी परीक्षक, प्रधान परीक्षक, एमपीपी, मेकर, चेकर और सुपरवाइजर को 26 फरवरी को ट्रेनिंग दी गई है।


