स्टेज पर दुल्हन को गोली मारने वाले का कबूलनामा:’मैंने 32 हजार में UP से पिस्टल खरीदी, दूसरी गोली फंसती नहीं तो वो मौके पर मर जाती’

स्टेज पर दुल्हन को गोली मारने वाले का कबूलनामा:’मैंने 32 हजार में UP से पिस्टल खरीदी, दूसरी गोली फंसती नहीं तो वो मौके पर मर जाती’

‘बचपन से साथ रहने के बावजूद वो मेरी नहीं हो पाई। मैं उससे प्यार करता था, वो मेरी थी, किसी और का होते नहीं देख पाया। मैंने कभी उसको खोने का सोचा भी नहीं था… पर जब सुना कि उसकी शादी तय हो गई है, तो लगा अब मेरा सब कुछ खत्म हो गया है। पहले भी मैंने उसकी शादी तोड़ी थी। वो मेरी बात मानने को तैयार ही नहीं हो रही थी। मैंने यूपी से 32 हजार रुपए में पिस्टल खरीदा और सीधे गोली मार दी। दूसरी गोली फंसती नहीं तो वो वहीं पर मर जाती।’ ये लाल जोड़े में वरमाला स्टेज पर मौजूद दुल्हन को गोली मारने वाले सिरफिरे आशिक दीनबंधु का कबूलनामा है। जो उसने पुलिस पूछताछ में बताया है। सबसे पहले जानिए पूरा मामला क्या है? बक्सर की आरती कुमारी (22) और दीनबंधु (24) बचपन से साथ पले-बढ़े। दोनों के घर की दूरी मात्र 150 मीटर है। दोनों में अकसर बातचीत हुआ करती थी। आरती उसे दोस्त समझती थी, लेकिन दीनबंधु उसे अपनी प्रेमिका समझने लगा। जब आरती ने उसके प्रपोजल को ठुकरा दिया तो वह उसका दुश्मन बन गया। यहीं से वह उस पर किसी से शादी न करने का दबाव भी बनाने लगा था। शादी तय होने पर दीनबंधु ने उसे स्टेज पर गोली मार दी। अब घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए… पड़ोस में रहने वाली लड़की का कैसे दुश्मन बन गया लड़का? कब और कैसे हुआ एकतरफा प्यार? कहां से और कितने में खरीदा था हथियार? पहली शादी क्यों तुड़वाई? पढ़िए पूरी रिपोर्ट… बचपन की दोस्ती, बड़े होने पर एकतरफा प्यार करने लगा दीनबंधु ने पुलिस पूछताछ में अपने एकतरफा प्यार की पूरी कहानी बताई। उसने बताया, ‘मैं मल्लाह टोला में ही पैदा लिया हूं। इसी टोला में आरती भी रहती थी। हमलोग बचपन में एक साथ खेला करते थे। हमारे बीच अच्छी दोस्ती थी, लेकिन जैसे ही वो 6 साल की हुई उसके पिता ने बाहर निकलना बंद करवा दिया। लड़की थी इसलिए हमलोगों के साथ खेलती भी नहीं थी। हमलोग 4 साल ही साथ खेल पाए। इसके बाद मैं 15 सालों तक उसका चेहरा तक नहीं देख पाया था। 2024 में मैंने पहली बार उसे सल्वार सूट में देखा था। पहली नजर में ही मुझे उससे प्यार हो गया।’ न शब्द सुनते ही मैं खामोश हो गया दीनबंधु ने बताया, ‘बात 2024 की है। आरती सल्वार सूट में घर से बाहर निकल रही थी। मैं काफी देर तक उसका पीछा करता रहा, मैं उससे अपने प्यार की बात बताना चाह रहा था, लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। इस दौरान मेरे कुछ दोस्त भी साथ में थे। उन्होंने साहस जुटाकर मन की बात कहने के लिए मुझे समझाया। उनके कहने पर मैं आरती से बात करने गया। उसे बीच सड़क पर प्रपोज तक कर दिया। लेकिन उसके जुबान पर सीधे न शब्द आया…उसने साफ मना कर दिया। ये शब्द सुनते ही मैं खामोश हो गया। मुझे लगा मेरी दुनिया पूरी तरह से उजड़ गई है। जिसके साथ शादी करके मैं अपनी जिंदगी बसाना चाहता था, उसने तो सब एक लाइन में ही खत्म कर दिया। इसके बावजूद मैंने कई बार आरती को समझाने की कोशिश की। चूंकि मैं पहले शराब के मामले में पकड़ा गया था, इसलिए शायद वो मुझसे प्यार नहीं करना चाहती थी। एक दिन उसने साफ बात उसी अंदाज में दोहरा दी। तुम जैसे लड़के से मैं शादी नहीं करूंगी, यही बात मेरे दिल में पत्थर की तरह चुभ गई।’ यहां से शुरू हुई बदले की भावना, उसका पीछा करने लगा पुलिस ने जब पूछा कि उसकी हत्या क्यों करनी चाही इसके जवाब पर दीनबंधु ने कहा, ‘आरती ने मना करने के बावजूद मैं उसका पीछा करने लगा। वह कब निकलती है, कहां जाती है, किससे बात करती है… मैं हर चीज पर नजर रखने लगा। शायद मैं उसे खोने के डर से ऐसा कर रहा था। आरती चुप रही, कुछ नहीं बोली… लेकिन मैं समझ नहीं पाया कि वह डर रही है, परेशान है। मुझे तो लगता था कि वो मुझे समझेगी, पर मैं गलत था। एक दिन उसने अपनी मां को सब बता दिया। उसके परिवार ने मेरे पिता से शिकायत की। उस वक्त मुझे बहुत शर्म आई। कुछ दिन तक मैंने खुद को संभालने की कोशिश भी की, पर मैं आरती को भूल नहीं पाया। अंदर ही अंदर मैं उसी के बारे में सोचता रहता था।’
पहली शादी भी मैंने ही तुड़वाई दीनबंधु ने बताया, ‘यह सच है। एक साल पहले उसकी शादी तय हुई थी। जब मुझे पता चला, तो मैं पागल हो गया। मैं सीधे लड़के वालों के घर पहुंच गया। मैंने उन्हें धमकी दी, अगर आरती से शादी की, तो मार डालूंगा। मुझे पता है कि यह गलत था, लेकिन आरती का प्यार मेरे सिर पर सवार था। लड़के वाले डर गए और अगले ही दिन रिश्ता तोड़ दिया। ये सुनते ही मैं बहुत खुश हुआ, लेकिन पापा की बेइज्जती मुझे बर्दाशत नहीं हुई। आरती के पिता ने मेरे पिता को भरी समाज में बहुत सुनाया। मेरे पिता इतने शर्मिंदा हुए कि मुझे पंजाब काम करने के लिए भेज दिया। मैं वहां चला गया, पर मन आरती में ही उलझा रहा।’ 1300KM दूर हत्या की बनाई योजना, 32 हजार में खरीदा पिस्टल पुलिस से दीनबंधु ने हत्या की पूरी साजिश बताई। उसने कहा, ‘मैंने दोस्तों के जरिए लगातार उस पर नजर रखवाई। कब घर आती है, क्या कर रही है, सब पता रहता था। 2025 के अगस्त में आरती की दूसरी बार शादी फिक्स हुई। ये सुनते ही मैं पूरी तरह से टूट गया। मैंने तभी ठान लिया था कि अब इस प्यार का अंजाम बहुत खराब होने वाला है। 20 फरवरी को 1300KM दूर पंजाब से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के गहमर गांव पहुंचा। वहां से 32 हजार रुपए में पिस्टल खरीदा। 22 फरवरी को बस के जरिए अपने गांव पहुंच गया। यहां अपने दोस्त के कमरे पर रूका, ताकि किसी को शक न हो कि मैं फिर से आरती की शादी रुकवा सकता हूं। 2 दिनों तक हर पल दिमाग में एक ही ख्याल आता रहा। आरती मेरी थी… किसी और की कैसे हो सकती है? गलती मेरी है, लेकिन दिल मानने को तैयार नहीं था।’ मैं आरती को जान से मारना चाहता था दीनबंधु ने आगे बताया कि, ‘शादी वाले दिन शाम से ही मंडप के पास छिपकर बैठ गया था। मेहमानों की भीड़ में घुल मिलकर मंच के एकदम पास पहुंच गया। आरती मंच पर दुल्हन के लिबास में खड़ी थी। पहले दूल्हे ने लड़की को जयमाला पहनाई। इसके बाद आरती ने अपने होने वाले पति को वरमाला पहनाया। जब सालियां टीका कर रही थी, तभी मैंने कट्टा निकाला और निशाना साधकर ट्रिगर दबा दिया। आरती को जान से मारना चाहता था, लेकिन सीने की जगह गोली पेट पर लग गई। इसके बाद भी मेरा मन नहीं माना तो मैंने दूसरी गोली चलाई, लेकिन वो पिस्टल में ही फंस गई। इसके बाद मैं मौके से फरार हो गया।’ पकड़े जाने पर रोते हुए बोला- मैं उसे बहुत प्यार करता था घटना के 14 घंटे बाद पुलिस के सामने दीनबंधु ने सरेंडर कर दिया। इस दौरान पुलिस पूछताछ में वह कई बार फूट-फूटकर रोया। उसने पुलिस को बताया, मैंने कई बार आरती को बताया था कि मैं उससे ही शादी करना चाहता हूं, लेकिन वो नहीं मानी। इसी बात से मुझे नफरत हो गई और मैंने इस घटना को अंजाम दे दिया। प्रेमिका के मर्डर की नियत से आया था आरोपी SP शुभम आर्य ने बताया, ‘दीनबंधु ने UP से हथियार खरीदा था। वो शादी में आरती की हत्या के नियत से ही आया था। मर्डर कर वो फिर से दूसरे राज्य भागने वाला था, लेकिन पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया है। आरोपी पर 302/307, आर्म्स एक्ट और शादी समारोह में जानलेवा हमला जैसे गंभीर मामले दर्ज किए गए हैं।’ ‘बचपन से साथ रहने के बावजूद वो मेरी नहीं हो पाई। मैं उससे प्यार करता था, वो मेरी थी, किसी और का होते नहीं देख पाया। मैंने कभी उसको खोने का सोचा भी नहीं था… पर जब सुना कि उसकी शादी तय हो गई है, तो लगा अब मेरा सब कुछ खत्म हो गया है। पहले भी मैंने उसकी शादी तोड़ी थी। वो मेरी बात मानने को तैयार ही नहीं हो रही थी। मैंने यूपी से 32 हजार रुपए में पिस्टल खरीदा और सीधे गोली मार दी। दूसरी गोली फंसती नहीं तो वो वहीं पर मर जाती।’ ये लाल जोड़े में वरमाला स्टेज पर मौजूद दुल्हन को गोली मारने वाले सिरफिरे आशिक दीनबंधु का कबूलनामा है। जो उसने पुलिस पूछताछ में बताया है। सबसे पहले जानिए पूरा मामला क्या है? बक्सर की आरती कुमारी (22) और दीनबंधु (24) बचपन से साथ पले-बढ़े। दोनों के घर की दूरी मात्र 150 मीटर है। दोनों में अकसर बातचीत हुआ करती थी। आरती उसे दोस्त समझती थी, लेकिन दीनबंधु उसे अपनी प्रेमिका समझने लगा। जब आरती ने उसके प्रपोजल को ठुकरा दिया तो वह उसका दुश्मन बन गया। यहीं से वह उस पर किसी से शादी न करने का दबाव भी बनाने लगा था। शादी तय होने पर दीनबंधु ने उसे स्टेज पर गोली मार दी। अब घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए… पड़ोस में रहने वाली लड़की का कैसे दुश्मन बन गया लड़का? कब और कैसे हुआ एकतरफा प्यार? कहां से और कितने में खरीदा था हथियार? पहली शादी क्यों तुड़वाई? पढ़िए पूरी रिपोर्ट… बचपन की दोस्ती, बड़े होने पर एकतरफा प्यार करने लगा दीनबंधु ने पुलिस पूछताछ में अपने एकतरफा प्यार की पूरी कहानी बताई। उसने बताया, ‘मैं मल्लाह टोला में ही पैदा लिया हूं। इसी टोला में आरती भी रहती थी। हमलोग बचपन में एक साथ खेला करते थे। हमारे बीच अच्छी दोस्ती थी, लेकिन जैसे ही वो 6 साल की हुई उसके पिता ने बाहर निकलना बंद करवा दिया। लड़की थी इसलिए हमलोगों के साथ खेलती भी नहीं थी। हमलोग 4 साल ही साथ खेल पाए। इसके बाद मैं 15 सालों तक उसका चेहरा तक नहीं देख पाया था। 2024 में मैंने पहली बार उसे सल्वार सूट में देखा था। पहली नजर में ही मुझे उससे प्यार हो गया।’ न शब्द सुनते ही मैं खामोश हो गया दीनबंधु ने बताया, ‘बात 2024 की है। आरती सल्वार सूट में घर से बाहर निकल रही थी। मैं काफी देर तक उसका पीछा करता रहा, मैं उससे अपने प्यार की बात बताना चाह रहा था, लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। इस दौरान मेरे कुछ दोस्त भी साथ में थे। उन्होंने साहस जुटाकर मन की बात कहने के लिए मुझे समझाया। उनके कहने पर मैं आरती से बात करने गया। उसे बीच सड़क पर प्रपोज तक कर दिया। लेकिन उसके जुबान पर सीधे न शब्द आया…उसने साफ मना कर दिया। ये शब्द सुनते ही मैं खामोश हो गया। मुझे लगा मेरी दुनिया पूरी तरह से उजड़ गई है। जिसके साथ शादी करके मैं अपनी जिंदगी बसाना चाहता था, उसने तो सब एक लाइन में ही खत्म कर दिया। इसके बावजूद मैंने कई बार आरती को समझाने की कोशिश की। चूंकि मैं पहले शराब के मामले में पकड़ा गया था, इसलिए शायद वो मुझसे प्यार नहीं करना चाहती थी। एक दिन उसने साफ बात उसी अंदाज में दोहरा दी। तुम जैसे लड़के से मैं शादी नहीं करूंगी, यही बात मेरे दिल में पत्थर की तरह चुभ गई।’ यहां से शुरू हुई बदले की भावना, उसका पीछा करने लगा पुलिस ने जब पूछा कि उसकी हत्या क्यों करनी चाही इसके जवाब पर दीनबंधु ने कहा, ‘आरती ने मना करने के बावजूद मैं उसका पीछा करने लगा। वह कब निकलती है, कहां जाती है, किससे बात करती है… मैं हर चीज पर नजर रखने लगा। शायद मैं उसे खोने के डर से ऐसा कर रहा था। आरती चुप रही, कुछ नहीं बोली… लेकिन मैं समझ नहीं पाया कि वह डर रही है, परेशान है। मुझे तो लगता था कि वो मुझे समझेगी, पर मैं गलत था। एक दिन उसने अपनी मां को सब बता दिया। उसके परिवार ने मेरे पिता से शिकायत की। उस वक्त मुझे बहुत शर्म आई। कुछ दिन तक मैंने खुद को संभालने की कोशिश भी की, पर मैं आरती को भूल नहीं पाया। अंदर ही अंदर मैं उसी के बारे में सोचता रहता था।’
पहली शादी भी मैंने ही तुड़वाई दीनबंधु ने बताया, ‘यह सच है। एक साल पहले उसकी शादी तय हुई थी। जब मुझे पता चला, तो मैं पागल हो गया। मैं सीधे लड़के वालों के घर पहुंच गया। मैंने उन्हें धमकी दी, अगर आरती से शादी की, तो मार डालूंगा। मुझे पता है कि यह गलत था, लेकिन आरती का प्यार मेरे सिर पर सवार था। लड़के वाले डर गए और अगले ही दिन रिश्ता तोड़ दिया। ये सुनते ही मैं बहुत खुश हुआ, लेकिन पापा की बेइज्जती मुझे बर्दाशत नहीं हुई। आरती के पिता ने मेरे पिता को भरी समाज में बहुत सुनाया। मेरे पिता इतने शर्मिंदा हुए कि मुझे पंजाब काम करने के लिए भेज दिया। मैं वहां चला गया, पर मन आरती में ही उलझा रहा।’ 1300KM दूर हत्या की बनाई योजना, 32 हजार में खरीदा पिस्टल पुलिस से दीनबंधु ने हत्या की पूरी साजिश बताई। उसने कहा, ‘मैंने दोस्तों के जरिए लगातार उस पर नजर रखवाई। कब घर आती है, क्या कर रही है, सब पता रहता था। 2025 के अगस्त में आरती की दूसरी बार शादी फिक्स हुई। ये सुनते ही मैं पूरी तरह से टूट गया। मैंने तभी ठान लिया था कि अब इस प्यार का अंजाम बहुत खराब होने वाला है। 20 फरवरी को 1300KM दूर पंजाब से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के गहमर गांव पहुंचा। वहां से 32 हजार रुपए में पिस्टल खरीदा। 22 फरवरी को बस के जरिए अपने गांव पहुंच गया। यहां अपने दोस्त के कमरे पर रूका, ताकि किसी को शक न हो कि मैं फिर से आरती की शादी रुकवा सकता हूं। 2 दिनों तक हर पल दिमाग में एक ही ख्याल आता रहा। आरती मेरी थी… किसी और की कैसे हो सकती है? गलती मेरी है, लेकिन दिल मानने को तैयार नहीं था।’ मैं आरती को जान से मारना चाहता था दीनबंधु ने आगे बताया कि, ‘शादी वाले दिन शाम से ही मंडप के पास छिपकर बैठ गया था। मेहमानों की भीड़ में घुल मिलकर मंच के एकदम पास पहुंच गया। आरती मंच पर दुल्हन के लिबास में खड़ी थी। पहले दूल्हे ने लड़की को जयमाला पहनाई। इसके बाद आरती ने अपने होने वाले पति को वरमाला पहनाया। जब सालियां टीका कर रही थी, तभी मैंने कट्टा निकाला और निशाना साधकर ट्रिगर दबा दिया। आरती को जान से मारना चाहता था, लेकिन सीने की जगह गोली पेट पर लग गई। इसके बाद भी मेरा मन नहीं माना तो मैंने दूसरी गोली चलाई, लेकिन वो पिस्टल में ही फंस गई। इसके बाद मैं मौके से फरार हो गया।’ पकड़े जाने पर रोते हुए बोला- मैं उसे बहुत प्यार करता था घटना के 14 घंटे बाद पुलिस के सामने दीनबंधु ने सरेंडर कर दिया। इस दौरान पुलिस पूछताछ में वह कई बार फूट-फूटकर रोया। उसने पुलिस को बताया, मैंने कई बार आरती को बताया था कि मैं उससे ही शादी करना चाहता हूं, लेकिन वो नहीं मानी। इसी बात से मुझे नफरत हो गई और मैंने इस घटना को अंजाम दे दिया। प्रेमिका के मर्डर की नियत से आया था आरोपी SP शुभम आर्य ने बताया, ‘दीनबंधु ने UP से हथियार खरीदा था। वो शादी में आरती की हत्या के नियत से ही आया था। मर्डर कर वो फिर से दूसरे राज्य भागने वाला था, लेकिन पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया है। आरोपी पर 302/307, आर्म्स एक्ट और शादी समारोह में जानलेवा हमला जैसे गंभीर मामले दर्ज किए गए हैं।’  

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