गुमला: फैसले की घड़ी करीब, प्रत्याशियों की बढ़ी धड़कनें, करवटें बदलती बीती प्रत्याशियों की रात

भास्कर न्यूज|गुमला गुमला नगर निकाय चुनाव के नतीजों के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई है। अब से बस कुछ ही घंटों के भीतर यह स्पष्ट हो जाएगा कि गुमला शहर की कमान किसके हाथों में होगी। चेयरमैन पद के 9 दावेदारों से लेकर सभी 22 वार्डों के 112 पार्षद प्रत्याशियों का भाग्य अब मतपेटियों से बाहर आने को बेताब है। इसे लेकर शहर के सियासी गलियारों में गहमागहमी का माहौल है और सबकी निगाहें मतगणना केंद्र पर टिकी हैं। चुनाव प्रचार के शोर-शराबे और मतदान की भारी गहमागहमी के बाद बीती रात प्रत्याशियों के लिए किसी परीक्षा के परिणाम की पूर्व संध्या जैसी रही। अधिकांश प्रत्याशियों की रात करवटें बदलते गुजरी। बेचैनी और बेकरारी का आलम यह था कि समर्थकों के साथ देर रात तक जीत-हार के समीकरण बिठाए जाते रहे। हर प्रत्याशी अपने पक्ष में मतदान का गणित लगा रहा है। लेकिन जनता के मन में क्या था। इसका खुलासा अब कुछ ही समय में हो जाएगा। शहर को मिलेगा नया नेतृत्व: चेयरमैन पद के लिए कांटे की टक्कर देखी जा रही है। दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। वहीं वार्ड पार्षदों के लिए भी प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला है। शहर की सरकार चुनने के लिए इस बार मतदाताओं ने जिस तरह का उत्साह दिखाया है। उससे यह साफ है कि जनता विकास और स्थानीय मुद्दों को लेकर काफी मुखर रही है। नाली, सड़क, साफ-सफाई और जल संकट जैसे बुनियादी सवालों पर हुए इस चुनाव ने इस बार बड़े-बड़ों के पसीने छुड़ा दिए हैं। इंतजार अब बस अंतिम परिणाम का: जैसे-जैसे सूरज चढ़ रहा है। प्रत्याशियों के समर्थकों का जमावड़ा मतगणना केंद्र के बाहर बढ़ने लगा है। हर राउंड के नतीजों के साथ किसी के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ेगी, तो किसी को मायूसी हाथ लगेगी। लेकिन फिलहाल पूरा गुमला शहर केवल एक ही सवाल का जवाब ढूंढ रहा है कि हमारा नया अध्यक्ष कौन होगा। भास्कर न्यूज|गुमला गुमला नगर निकाय चुनाव के नतीजों के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई है। अब से बस कुछ ही घंटों के भीतर यह स्पष्ट हो जाएगा कि गुमला शहर की कमान किसके हाथों में होगी। चेयरमैन पद के 9 दावेदारों से लेकर सभी 22 वार्डों के 112 पार्षद प्रत्याशियों का भाग्य अब मतपेटियों से बाहर आने को बेताब है। इसे लेकर शहर के सियासी गलियारों में गहमागहमी का माहौल है और सबकी निगाहें मतगणना केंद्र पर टिकी हैं। चुनाव प्रचार के शोर-शराबे और मतदान की भारी गहमागहमी के बाद बीती रात प्रत्याशियों के लिए किसी परीक्षा के परिणाम की पूर्व संध्या जैसी रही। अधिकांश प्रत्याशियों की रात करवटें बदलते गुजरी। बेचैनी और बेकरारी का आलम यह था कि समर्थकों के साथ देर रात तक जीत-हार के समीकरण बिठाए जाते रहे। हर प्रत्याशी अपने पक्ष में मतदान का गणित लगा रहा है। लेकिन जनता के मन में क्या था। इसका खुलासा अब कुछ ही समय में हो जाएगा। शहर को मिलेगा नया नेतृत्व: चेयरमैन पद के लिए कांटे की टक्कर देखी जा रही है। दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। वहीं वार्ड पार्षदों के लिए भी प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला है। शहर की सरकार चुनने के लिए इस बार मतदाताओं ने जिस तरह का उत्साह दिखाया है। उससे यह साफ है कि जनता विकास और स्थानीय मुद्दों को लेकर काफी मुखर रही है। नाली, सड़क, साफ-सफाई और जल संकट जैसे बुनियादी सवालों पर हुए इस चुनाव ने इस बार बड़े-बड़ों के पसीने छुड़ा दिए हैं। इंतजार अब बस अंतिम परिणाम का: जैसे-जैसे सूरज चढ़ रहा है। प्रत्याशियों के समर्थकों का जमावड़ा मतगणना केंद्र के बाहर बढ़ने लगा है। हर राउंड के नतीजों के साथ किसी के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ेगी, तो किसी को मायूसी हाथ लगेगी। लेकिन फिलहाल पूरा गुमला शहर केवल एक ही सवाल का जवाब ढूंढ रहा है कि हमारा नया अध्यक्ष कौन होगा।  

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