इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वर्ष 2009 में सपा काल में थाना मैनपुरी पुलिस अभिरक्षा में हुई एक दिव्यांग की मौत मामले में मैनपुरी के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक, अजय कुमार मिश्रा (वर्तमान पुलिस महानिरीक्षक, प्रयागराज रेंज) और तत्कालीन अपर जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह(वर्तमान अतिरिक्त सचिव, सचिवालय, देहरादून उत्तराखंड सरकार ) को पक्षकार बनाते हैं नोटिस जारी कर हलफनामा मांगा है। याचिका की अगली सुनवाई की तिथि 16 मार्च नियत की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन तथा न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने एसोसिएशन फार एडवोकेसी एण्ड लीगल इनीशिएटिव लखनऊ की जनहित याचिका पर दिया है। 9 मई 2009 को मैनपुरी के थाना धन्ननाहार में पुलिस लॉकअप के अंदर शौचालय में हुई नाहर सिंह उर्फ स्नेह नामक पोलियो ग्रसित 23 वर्षीय युवक की मृत्यु हो गई।लाश फंदे से लटकी मिली थी।जिसे खुदकुशी बताया गया। हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई कोर्ट ने तत्कालीन उप जिलाधिकारी मैनपुरी, कर्मेंद्र सिंह द्वारा घटना की मजिस्ट्रियल रिपोर्ट पर नाराजगी व्यक्त की।और बेहतर हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया। उन्हें अगली तारीख, 16 मार्च को पुन: व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने को आदेशित किया है। कोर्ट ने मामले में पुलिस एवं प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई पर कुछ अहम सवाल पूछे। न्यायालय द्वारा घटना की वीडियो ग्राफी एवं उससे संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने का आदेश दिया एवं पुलिस अभिलेखों में उक्त घटना की प्रविष्टि से संबंधित भी कुछ अहम सवाल पुलिस एवं प्रशासन से किये। धन्नाहार थाने के थाना अध्यक्ष को भी अभिलेख सहित हलफनामा सहित हाजिर होने का आदेश दिया। जनहित याचिका मैनपुरी के 23 वर्षीय विकलांग युवक नाहर सिंह की पुलिस अभिरक्षा में हुई मृत्यु प्रकरण में दोषी अधिकारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर सीबीआई जांच की मांग के लिए दाखिल की गई है। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मामले को आत्महत्या का रूप दे रफा दफा कर दिया था।


