बेगूसराय के इकलौते माता शबरी धाम में तीन दिवसीय शबरी धाम महोत्सव गुरुवार को संपन्न हो गया। बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों ने भाग लिया। महोत्सव के तीनों दिन पूजा-अर्चना, हवन, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय बना रहा। समापन समारोह में डीडीसी आकाश चौधरी, उपमहापौर अनीता देवी, सीडीओ अनिल कुमार, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्याम कुमार साहनी और सदर बीडीओ रवि कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। जनप्रतिनिधियों और मेला समिति के सदस्यों ने अतिथियों को शॉल, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि शबरी धाम अब जिले की सांस्कृतिक पहचान बन रहा है। उन्होंने धाम परिसर के विकास, विस्तार और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की पहल से आने वाले वर्षों में यह महोत्सव और अधिक भव्य रूप लेगा। अन्य वक्ताओं ने माता शबरी की भक्ति, समर्पण और आदर्श जीवन मूल्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से इन आदर्शों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं। गुरुवार को लोकगीत, भजन और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ महोत्सव का समापन हुआ। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रशासन और मेला समिति की सक्रियता के कारण श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। महोत्सव के सफल आयोजन से स्थानीय लोगों में संतोष और उत्साह का माहौल रहा। बेगूसराय के इकलौते माता शबरी धाम में तीन दिवसीय शबरी धाम महोत्सव गुरुवार को संपन्न हो गया। बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों ने भाग लिया। महोत्सव के तीनों दिन पूजा-अर्चना, हवन, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय बना रहा। समापन समारोह में डीडीसी आकाश चौधरी, उपमहापौर अनीता देवी, सीडीओ अनिल कुमार, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्याम कुमार साहनी और सदर बीडीओ रवि कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। जनप्रतिनिधियों और मेला समिति के सदस्यों ने अतिथियों को शॉल, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि शबरी धाम अब जिले की सांस्कृतिक पहचान बन रहा है। उन्होंने धाम परिसर के विकास, विस्तार और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की पहल से आने वाले वर्षों में यह महोत्सव और अधिक भव्य रूप लेगा। अन्य वक्ताओं ने माता शबरी की भक्ति, समर्पण और आदर्श जीवन मूल्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से इन आदर्शों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं। गुरुवार को लोकगीत, भजन और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ महोत्सव का समापन हुआ। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रशासन और मेला समिति की सक्रियता के कारण श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। महोत्सव के सफल आयोजन से स्थानीय लोगों में संतोष और उत्साह का माहौल रहा।


