Viral Video: बिहार के सासाराम रेलवे स्टेशन पर ASI दिलीप कुमार प्लेटफॉर्म और पटरियों के बीच ट्रेन से लटक रहे सुकुमार लामा को मौत के मुंह से खींच कर वापस ले आए। इस दौरान वह खुद घायल हो गए लेकिन यात्री की जान बचा ली।
Viral Video: बिहार के सासाराम रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को एक ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने सबकी सांसें रोक दीं। एक यात्री चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच के जानलेवा गैप में समाने ही वाला था। लेकिन जिंदगी और मौत के बीच फरिश्ते की तरह खड़े RPF ASI दिलीप कुमार ने अपनी जान जोखिम में डालकर यात्री की जिंदगी बचा ली। इस बहादुरी भरे रेस्क्यू ऑपरेशन में ASI खुद घायल हो गए, लेकिन यात्री को खरोंच तक नहीं आने दी।
दौड़कर पकड़ी ट्रेन, फिर मौत से हुआ सामना
यह घटना सुबह करीब 8:33 बजे हुई। 12819 ओडिशा संपर्क क्रांति एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर दो पर रुकी हुई थी। पैसेंजर सुकुमार लामा (35), जो पश्चिम बंगाल के मिदनापुर के रहने वाले हैं, अपनी पत्नी के साथ आनंद विहार जा रहे थे। ट्रेन रुकते ही वह पानी लेने के लिए नीचे उतरे, लेकिन ट्रेन चलने लगी। घबराहट में सुकुमार कोच नंबर S-6 का हैंडल पकड़ने के लिए दौड़े, लेकिन उनका पैर फिसल गया और वह प्लेटफॉर्म और पटरियों के बीच घिसटते चले गए।
जान जोखिम में डालकर बचाई जिंदगी
जैसे ही प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी पर मौजूद ASI दिलीप कुमार ने लटके हुए यात्री को देखा, उन्होंने एक सेकंड की भी देर नहीं की। वह तेजी से दौड़े और चलती ट्रेन के साथ खुद को जोखिम में डालते हुए यात्री को मजबूती से पकड़कर बाहर की ओर खींच लिया।
CCTV फुटेज में दिख रहा है कि अगर कांस्टेबल ने एक सेकंड भी देर की होती, तो यात्री सीधे ट्रेन की पहियों के नीचे आ जाता। इस खींचतान में, दिलीप कुमार खुद प्लेटफॉर्म पर गिर गए और उनके पैर में गंभीर चोटें आईं, लेकिन उन्होंने यात्री की जान बचा ली।
खुद पहुंचे अस्पताल, पर यात्री को किया रवाना
हादसे के तुरंत बाद वॉकी-टॉकी कॉल से ट्रेन रुकवाई गई। यात्री सुकुमार लामा पूरी तरह सुरक्षित थे, हालांकि डरे हुए थे। RPF टीम ने उन्हें दिलासा दिया और शुरुआती जांच के बाद, उन्हें उसी ट्रेन से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। इधर, ASI दिलीप कुमार को इलाज के लिए सासाराम के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर है।
यात्री ने ASI को दिया धन्यवाद
मौत के मुंह से वापस आकर सुकुमार लामा ने रोते हुए ASI दिलीप कुमार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “आज मेरी जान सिर्फ इस ऑफिसर की वजह से बची, वरना मेरे परिवार को बहुत बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ता।” RPF इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने कहा कि यह ‘ऑपरेशन जीवन रक्षा’ के तहत एक हिम्मत वाला काम था और पूरे डिपार्टमेंट को ASI की बहादुरी पर गर्व है।


