पटना में आयोजित राज्य स्तरीय प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (पीबीएल) मेले में खगड़िया जिले के विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और नवाचार से विशेष पहचान बनाई। इस मेले में बिहार के सभी 38 जिलों से चयनित गणित एवं विज्ञान के सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन किया गया। खगड़िया की ओर से विज्ञान विषय में मध्य विद्यालय रामगंज संसारपुर का ‘मिश्रित खेती’ प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया गया। वहीं, मध्य विद्यालय अरैया, मानसी के छात्रों ने ‘ज्यामितीय आकृतियों की पहचान’ नामक प्रोजेक्ट प्रदर्शित किया। इन दोनों प्रोजेक्ट्स ने खेती, पर्यावरण और गणितीय समझ को सरल व व्यावहारिक तरीके से प्रस्तुत कर अतिथियों और शिक्षाविदों का ध्यान आकर्षित किया। बच्चों में सोचने की क्षमता बढ़ रही
कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि सरकारी विद्यालयों के बच्चे अब नवाचार के साथ सीख रहे हैं, जो राज्य की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सकारात्मक बदलाव को दर्शाता है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंदर ने बताया कि प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा से बच्चों में सोचने, समझने और प्रयोग करने की क्षमता विकसित हो रही है। इससे उनका समग्र विकास संभव हो पा रहा है। खगड़िया से जिला तकनीकी टीम के सदस्य सह मास्टर ट्रेनर शशि शेखर एवं सुमित कुमार, शिक्षिका रेखा सिंह, राजीव कुमार, प्रिया कंचन तथा डायट खगड़िया के व्याख्याता विश्वमोहन राकेश ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई। मानसी अरैया की शिक्षिका रेखा सिंह की प्रेरक कहानी का प्रकाशन ‘छोटे कदम, बड़े बदलाव’ पत्रिका में किया गया। उत्कृष्ट योगदान के लिए शशि शेखर एवं सुमित कुमार को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राज्य स्तरीय पीबीएल मेले में खगड़िया की प्रभावशाली उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी प्रतिभा, नवाचार और रचनात्मकता में किसी से कम नहीं हैं। पटना में आयोजित राज्य स्तरीय प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (पीबीएल) मेले में खगड़िया जिले के विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और नवाचार से विशेष पहचान बनाई। इस मेले में बिहार के सभी 38 जिलों से चयनित गणित एवं विज्ञान के सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन किया गया। खगड़िया की ओर से विज्ञान विषय में मध्य विद्यालय रामगंज संसारपुर का ‘मिश्रित खेती’ प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया गया। वहीं, मध्य विद्यालय अरैया, मानसी के छात्रों ने ‘ज्यामितीय आकृतियों की पहचान’ नामक प्रोजेक्ट प्रदर्शित किया। इन दोनों प्रोजेक्ट्स ने खेती, पर्यावरण और गणितीय समझ को सरल व व्यावहारिक तरीके से प्रस्तुत कर अतिथियों और शिक्षाविदों का ध्यान आकर्षित किया। बच्चों में सोचने की क्षमता बढ़ रही
कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि सरकारी विद्यालयों के बच्चे अब नवाचार के साथ सीख रहे हैं, जो राज्य की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सकारात्मक बदलाव को दर्शाता है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंदर ने बताया कि प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा से बच्चों में सोचने, समझने और प्रयोग करने की क्षमता विकसित हो रही है। इससे उनका समग्र विकास संभव हो पा रहा है। खगड़िया से जिला तकनीकी टीम के सदस्य सह मास्टर ट्रेनर शशि शेखर एवं सुमित कुमार, शिक्षिका रेखा सिंह, राजीव कुमार, प्रिया कंचन तथा डायट खगड़िया के व्याख्याता विश्वमोहन राकेश ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई। मानसी अरैया की शिक्षिका रेखा सिंह की प्रेरक कहानी का प्रकाशन ‘छोटे कदम, बड़े बदलाव’ पत्रिका में किया गया। उत्कृष्ट योगदान के लिए शशि शेखर एवं सुमित कुमार को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राज्य स्तरीय पीबीएल मेले में खगड़िया की प्रभावशाली उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी प्रतिभा, नवाचार और रचनात्मकता में किसी से कम नहीं हैं।


