टीकमगढ़ की 90 पंचायतों को नहीं मिल रहा नल-जल:जतारा विधायक ने विधानसभा में उठाया मुद्दा; बान सुजारा बांध से मांगा पानी

टीकमगढ़ जिले की करीब 90 ग्राम पंचायतों में करोड़ों की लागत से नल-जल योजना के तहत टंकियां तो बन गई हैं, लेकिन ग्रामीणों को अब तक पानी नसीब नहीं हो रहा है। इस गंभीर समस्या को जतारा से भाजपा विधायक हरिशंकर खटीक ने विधानसभा में उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने बान सुजारा बांध से जतारा और पलेरा क्षेत्र की योजनाओं को जोड़ने की पुरजोर मांग की। टंकियां तैयार, पर जल स्रोतों में पानी नहीं विधायक खटीक ने सदन में बताया कि चंदेरा, बम्हौरी कला, कनेरा, स्यावनी और सिमराखुर्द जैसी कई बड़ी पंचायतों में बुनियादी ढांचा तैयार है, फिर भी सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है। विभागीय अधिकारी जल स्रोतों में पानी की कमी का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहे हैं। विधायक ने सवाल किया कि आखिर इन गांवों के लोगों को शुद्ध पेयजल कब तक मिल पाएगा? मंत्री का जवाब- अनुमति मिलने में हुई देरी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) मंत्री संपतिया उइके ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि बान-सुजारा समूह जल प्रदाय योजना का काम अभी चल रहा है। उन्होंने बताया कि अलग-अलग विभागों से एनओसी मिलने में देरी की वजह से प्रोजेक्ट समय पर पूरा नहीं हो सका। सरकार ने निर्माण एजेंसी को अब तक 225.38 करोड़ रुपए का भुगतान किया है, जबकि शर्तों का उल्लंघन करने पर कंपनी के बिल से 3.93 करोड़ रुपए की कटौती भी की गई है। समस्या सुलझाने के लिए बनेगी टीम मंत्री उइके ने आश्वासन दिया कि बान सुजारा बांध से पानी उपलब्ध कराने की संभावनाओं को देखने के लिए अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित की जाएगी। यह टीम जल्द ही वस्तुस्थिति की जांच कर रिपोर्ट देगी, जिसके आधार पर जलापूर्ति शुरू करने के प्रयास तेज किए जाएंगे।

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