बारां जिला अस्पताल में अनियमितताओं को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ हटाए गए संविदाकर्मियों और एंबुलेंस ड्राइवरों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पीएमओ और अकाउंटेंट को हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अस्पताल में लंबे समय से व्यवस्थाएं चरमराई हुई हैं। संविदाकर्मियों को बिना किसी स्पष्ट कारण के हटाया गया है। वहीं, एंबुलेंस ड्राइवरों ने भुगतान और कार्य व्यवस्था में गड़बड़ियों की शिकायत की। उन्होंने बताया कि बार-बार शिकायत के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ, जिसके कारण उन्हें विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा। हंगामे की सूचना मिलने पर सीएमएचओ और मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल जिला अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें शांत कराया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद स्थिति सामान्य हुई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र रूप देंगे। दूसरी ओर, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि यह हंगामा प्रायोजित है। प्रबंधन के अनुसार बुधवार को कुछ लोगों ने पीएमओ कार्यालय पहुंचकर कुछ माह से पार्किंग का ठेका संभाल रही फर्म को ब्लैकलिस्ट करवाने और एक विशेष फर्म को टेंडर दिलवाने के लिए पीएमओ पर दबाव बनाने की कोशिश की और उन्हें धमकाया भी। इसके बाद गुरुवार को यह हंगामा कर दिया।


