सिरोही में पशुपालन विभाग के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। कर्मचारियों ने जनवरी 2025 से वेतन वृद्धि का लाभ दिलाने की मांग करते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय को एक ज्ञापन सौंपा। वरिष्ठ कर्मचारी नेता गोपाल सिंह राव पोसालिया ने बताया कि विभाग में नियुक्त कार्मिकों को पूर्व में जारी आदेशों के अनुरूप वेतन वृद्धि का लाभ मिलना चाहिए था। हालांकि, सिरोही जिले में अब तक यह लाभ नहीं दिया गया है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष है। उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार के वित्त विभाग द्वारा 26 जुलाई 2023 को जारी आदेश के अनुसार वेतन वृद्धि देय है। अन्य जिलों में इस आदेश को लागू कर दिया गया है, लेकिन सिरोही के कर्मचारी अभी भी इससे वंचित हैं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पशुधन सहायक भर्ती-2022 के तहत नियुक्त कर्मचारियों की परिवीक्षा अवधि पूरी होने के बावजूद उन्हें वेतन वृद्धि का लाभ नहीं मिला है। यह स्थिति कर्मचारियों में गहरे असंतोष का कारण बनी हुई है। कर्मचारियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वित्त विभाग के आदेशों का पालन करते हुए जनवरी 2025 से वेतन वृद्धि लागू की जाए और बकाया राशि का शीघ्र भुगतान किया जाए। ज्ञापन की प्रतिलिपि जयपुर स्थित निदेशक पशुपालन विभाग, जोधपुर अतिरिक्त निदेशक, जिला नोडल अधिकारी और संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग सिरोही को भी भेजी गई है। राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ के पूर्व प्रदेश संयुक्त महामंत्री गोपाल सिंह राव ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। इस दौरान अविनाश मेहरा, मुखराज गुर्जर, हसमुख देवासी, मुकेश कुमार मीणा, अमराराम रेबारी, हंसराज बैरवा, शैतान सिंह मीणा, महेश कुमार मीणा, हकमाराम देवासी, भरत मेघवाल, मनीष बलाई, प्रमोद कुमार वर्मा, धोलूराम मीणा, हनुमान भील और भरत कुमार सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे।


