चित्रकूट में भारत रत्न राष्ट्र ऋषि नानाजी देशमुख की 16वीं पुण्यतिथि के अवसर पर जिला स्तरीय किसान विज्ञान मेला एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट और किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग सतना ने आत्मा परियोजना के तहत इसका आयोजन किया। इस मेले का उद्घाटन सांसद सतना गणेश सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल, नगर पंचायत अध्यक्ष चित्रकूट साधना पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती सुष्मिता सिंह और दीनदयाल शोध संस्थान के कोषाध्यक्ष वसंत पंडित ने किया। अतिथियों ने राष्ट्र ऋषि नानाजी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उद्घाटन के बाद सभी अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन ने अतिथियों को राम दर्शन का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। किसानों को संबोधित करते हुए सांसद गणेश सिंह ने प्राकृतिक खेती और श्रीअन्न (मोटे अनाज) के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने वनोपज के मूल्यवर्धन और प्राकृतिक गुलाल के उपयोग से आय सृजन के लिए भी किसानों को प्रेरित किया। सांसद ने रासायनिक दवाओं का कम उपयोग करने और गौ मूत्र से बनी कीटनाशक दवाओं को अपनाने की सलाह दी, साथ ही मोटे अनाजों की खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया। केवीके के फसल सुरक्षा वैज्ञानिक और प्रदर्शनी प्रभारी अजय चौरसिया ने बताया कि कृषि प्रदर्शनी में विभिन्न संस्थाओं ने भाग लिया। इनमें कृषि विज्ञान केंद्र मझगवां-सतना, गनीवां-चित्रकूट, जन शिक्षण संस्थान चित्रकूट, आरोग्यधाम, रसशाला, उद्यमिता विद्यापीठ, भाकृअनुप – भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान हैदराबाद, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर, कृषि विज्ञान केंद्र पन्ना, जबलपुर, सिवनी, रीवा, टीकमगढ़ शामिल थे। इसके अतिरिक्त, कृषि कल्याण एवं किसान कल्याण विभाग सतना, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, पशु पालन एवं डेयरी विभाग, कृषि अभियांत्रिकी विभाग सतना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सतना, इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड, दयाल इंडस्ट्रीज लखनऊ, मैसी (टैफे) ट्रैक्टर, पॉवर ट्रैक ट्रैक्टर और आयशर ट्रैक्टर ने भी अपनी प्रदर्शनियाँ लगाईं। इस मेले का मुख्य उद्देश्य उन्नत कृषि तकनीकों और सहायक कृषि उद्यमों की मदद से प्रति इकाई क्षेत्रफल में अधिक उत्पादन प्राप्त कर किसानों की आय बढ़ाना है। डीआरआई के कोषाध्यक्ष वसंत पंडित ने स्वालंबन से आत्मनिर्भर गांव कैसे बने एवं ग्रामीण स्तर पर स्वरोजगार स्थापित करने की जानकारी दी गई। कृषि विभाग सतना से राम सिंह बागरी उपसंचालक ने किसान मेला की रूप रेखा रखी एवं प्रदर्शनी की जानकारी दी। मेले में सुबोध जैन ने विभागीय योजना की विस्तार से जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अखिलेश जागरे ने मृदा परीक्षण एवं मृदा स्वास्थ कार्ड के महत्व एवं जायद में मूंग की खेती पर जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन केवीके के वैज्ञानिक पंकज शर्मा द्वारा किया गया। किसान मेला में जिले भर के 600 कृषकों की उपस्थिति रही।


