पटना यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव हो रहे हैं। 28 फरवरी को मतदान है। इससे पहले छात्र संगठन ABVP पर टिकट बेचने के आरोप लगे हैं। छात्र नेता अंचल कुमार ने आरोप लगाया है कि उससे टिकट के लिए 20 लाख रुपए मांगे गए थे। 10 लाख देने पर भी टिकट नहीं मिला। दूसरी ओर ABVP प्रत्याशी अनुष्का पर चुनाव जीतने के लिए इमोशनल कार्ड खेलने के आरोप लगे हैं। अनुष्का ने रेप की धमकी दिए जाने की बात कही है। इस संबंध में पूछने पर अनुष्का ने कहा, ‘जो लोग सिंपैथी लेने की बात कर रहे हैं उनके घर भी मां बहन हैं। वे भी जाकर ऐसा कर सिंपैथी ले सकते हैं। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में पढ़िए, पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में टिकट बेचने की बात कहां से आई? ABVP ने क्यों दो उम्मीदवार से नामांकन कराया? सिंपैथी गेम पर अनुष्का क्या बोलती हैं?
सबसे पहले जानिए, किसने दिए ABVP के टिकट के लिए 10 लाख रुपए
पटना यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में लंबे समय से एक्टिव रहे अंचल कुमार ने ABVP (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) पर टिकट के लिए 20 लाख मांगने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, ‘मुझसे नॉमिनेशन कराया गया। टिकट के लिए 10 लाख रुपए दिए थे। 10 लाख बाकी था, इसलिए टिकट नहीं दिया गया।’ अंचल कुमार ने कहा, ‘ABVP के संगठन मंत्री शुक्ला जी (बिहार झारखंड क्षेत्र के संगठन मंत्री याज्ञवल्क शुक्ला) हैं। उन्होंने 10 लाख रुपए और देने की बात कही थी। पैसे नहीं देने पर मेरा टिकट कट गया। आधा पैसा नॉमिनेशन के बाद देने की बात तय हुई थी, लेकिन वो पहले ही पूरा पैसा मांगने लगे। उनकी उम्मीदवार (अनुष्का) सिर्फ इमोशनल ब्लैकमेल कर रही हैं। इनको कैंपस में भी कोई नहीं जानता। यूनिवर्सिटी का गेट तक नहीं पता था कि कहां पर नॉमिनेशन करना है।’ नॉमिनेशन वापस लेने के लिए दे रहे 10 लाख रुपए अंचल कुमार ने बताया, ‘मैं पिछले 5 साल से कैंपस में रहकर छात्रों का मुद्दा उठा रहा हूं। विद्यार्थी परिषद में पिछले 5 साल से काम कर रहा हूं, लेकिन मेरे साथ ऐसा किया गया। ये लोग मेरे समर्थकों को बिना वजह जेल भेज रहे हैं।’ याज्ञवल्क शुक्ला ने पूछा- अंचल के पास कहां से आए इतने पैसे? टिकट बेचने के आरोपों को लेकर हमने याज्ञवल्क शुक्ला से बात की। उन्होंने कहा, ‘अंचल कुमार बताएं कि किस माध्यम से मुझे पैसे दिए। कहां और कब मिले। इतना बड़ा ट्रांजेक्शन है तो उन्होंने जरूर मुझसे बात की होगी। पहले तो यह बताएं कि इतना पैसा उनके पास कहां से आया?’ अंचल का आरोप है कि आप दूसरे लोगों के जरिए संपर्क करते हैं। इसपर शुक्ला ने कहा, ‘ये कौन लोग हैं ये भी उनको बताना पड़ेगा। इस पर मैं ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहूंगा। ये बच्चों का चुनाव है। अपने-अपने हिसाब से सबको चुनाव लड़ना चाहिए।’ अंचल की जगह अनुष्का को उम्मीदवार क्यों बनाया? इस सवाल पर उन्होंने कहा, ‘हमारे एबीवीपी में हर निर्णय लेने के लिए एक टोली है। संचालन समिति में नाम आता है फिर कोर मेंबर उसका फीडबैक लेकर नाम तय करते हैं।’ क्यों एबीवीपी ने दो कैंडिडेट्स से कराया नॉमिनेशन? छात्र संघ चुनाव के लिए 18 फरवरी नॉमिनेशन करने का आखिरी दिन था। इसी दिन अनुष्का और अंचल दोनों ने नॉमिनेशन किया। दोनों को एबीवीपी ने उम्मीदवार बनाकर नॉमिनेशन कराया था। एबीवीपी के अनुसार अंचल का नॉमिनेशन इनवैलिड होने का डर था, इसलिए अनुष्का से भी नामांकन कराया गया। बाद में अंचल को हटाकर अनुष्का को एबीवीपी ने प्रत्याशी घोषित कर दिया। अब जानिए, किस तरह शुरू हुआ इमोशनल कार्ड विवाद 23 फरवरी की रात अनुष्का का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वह रोते हुए दिख रही थी। कहा, ‘मेरे चरित्र को लेकर बातें बनाई जा रही हैं। करैक्टर को लेकर टैग किया जा रहा है। लोग मेरे चरित्र पर उंगली उठा रहे हैं। मेरा पोस्टर फाड़ रहे हैं।’ वीडियो में अनुष्का ने कहा, ‘7 साल की थी तब पिता का निधन हो गया। मैंने पिता के बिना पूरा घर संभाला। आज पटना यूनिवर्सिटी में अध्यक्ष पद के लिए खड़ी हुई तो लोग परेशान कर रहे हैं।’
रेप तक की धमकी दी जा रही: अनुष्का इस मामले में हमने अनुष्का से बात की। उनसे पूछा कि आप पर इमोशनल कार्ड खेलने के आरोप लग रहे हैं। उन्होंने जवाब दिया, ‘मेरे साथ जो हो रहा है वह मैं लोगों को दिखा रही हूं। मुझे मानसिक रूप से बहुत प्रताड़ित किया जा रहा है।’ अनुष्का ने कहा, ‘मुझे रेप की धमकी दी जा रही है। मेरी मां को कॉल कर धमकी दी जा रही है। अगर सिर्फ सिंपैथी की बात होती तो मैं थाना जाकर सबूत के साथ केस दर्ज नहीं कराती।’ उन्होंने कहा, ‘जो लोग सिंपैथी लेने की बात कर रहे हैं उनके घर में भी मां-बहन हैं। वे भी जाकर ऐसा कर सिंपैथी ले सकते हैं। मेरे साथ ऐसी बातें हो रहीं हैं। मैं छात्र नेता हूं। कई लड़कियों के साथ ऐसा होता है। कई लोग खामोश हो जाते हैं, लेकिन मैं खामोश हो गई तो दूसरों की आवाज को मजबूती कैसे मिलेगी।’ पिछले चुनाव में सलोनी नाम की उम्मीदवार अपनी बातों के चलते फेमस हो गई थी। इसपर अनुष्का ने कहा, ‘सलोनी की तरह होने की बात नहीं है। सलोनी पर भी इसलिए उंगली उठाई गई थी कि वह लड़की थी। मुझे भी टारगेट किया जा रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘लड़कियां जब घर के दहलीज से बाहर निकलती हैं तो लोग उसे किसी भी तरह से आरोप लगाकर समाज की पुरानी जंजीर में बांध देना चाहते हैं। मैं पुरानी जंजीरों को तोड़कर आगे बढ़ना चाहती हूं। मैं डरने वाली नहीं हूं। आज मुझे हर तरफ से समर्थन मिल रहा है।’ विपक्षी उम्मीदवार बोलीं, धन बल के बाद भी भावुक होकर वोट मांग रही अनुष्का अध्यक्ष पद के लिए आईसा की उम्मीदवार सबा आफरीन ने अनुष्का पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, ‘पटना यूनिवर्सिटी के चुनाव में महिलाओं को सबसे ज्यादा अहमियत दी जाती है। महिलाओं तक विचारधारा पहुंचाना। वे क्या चाहती हैं। राजनीति में महिलाओं की भागीदारी कितनी होनी चाहिए। इन मुद्दों की कोई बात नहीं करता है।’ पटना यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव हो रहे हैं। 28 फरवरी को मतदान है। इससे पहले छात्र संगठन ABVP पर टिकट बेचने के आरोप लगे हैं। छात्र नेता अंचल कुमार ने आरोप लगाया है कि उससे टिकट के लिए 20 लाख रुपए मांगे गए थे। 10 लाख देने पर भी टिकट नहीं मिला। दूसरी ओर ABVP प्रत्याशी अनुष्का पर चुनाव जीतने के लिए इमोशनल कार्ड खेलने के आरोप लगे हैं। अनुष्का ने रेप की धमकी दिए जाने की बात कही है। इस संबंध में पूछने पर अनुष्का ने कहा, ‘जो लोग सिंपैथी लेने की बात कर रहे हैं उनके घर भी मां बहन हैं। वे भी जाकर ऐसा कर सिंपैथी ले सकते हैं। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में पढ़िए, पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में टिकट बेचने की बात कहां से आई? ABVP ने क्यों दो उम्मीदवार से नामांकन कराया? सिंपैथी गेम पर अनुष्का क्या बोलती हैं?
सबसे पहले जानिए, किसने दिए ABVP के टिकट के लिए 10 लाख रुपए
पटना यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में लंबे समय से एक्टिव रहे अंचल कुमार ने ABVP (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) पर टिकट के लिए 20 लाख मांगने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, ‘मुझसे नॉमिनेशन कराया गया। टिकट के लिए 10 लाख रुपए दिए थे। 10 लाख बाकी था, इसलिए टिकट नहीं दिया गया।’ अंचल कुमार ने कहा, ‘ABVP के संगठन मंत्री शुक्ला जी (बिहार झारखंड क्षेत्र के संगठन मंत्री याज्ञवल्क शुक्ला) हैं। उन्होंने 10 लाख रुपए और देने की बात कही थी। पैसे नहीं देने पर मेरा टिकट कट गया। आधा पैसा नॉमिनेशन के बाद देने की बात तय हुई थी, लेकिन वो पहले ही पूरा पैसा मांगने लगे। उनकी उम्मीदवार (अनुष्का) सिर्फ इमोशनल ब्लैकमेल कर रही हैं। इनको कैंपस में भी कोई नहीं जानता। यूनिवर्सिटी का गेट तक नहीं पता था कि कहां पर नॉमिनेशन करना है।’ नॉमिनेशन वापस लेने के लिए दे रहे 10 लाख रुपए अंचल कुमार ने बताया, ‘मैं पिछले 5 साल से कैंपस में रहकर छात्रों का मुद्दा उठा रहा हूं। विद्यार्थी परिषद में पिछले 5 साल से काम कर रहा हूं, लेकिन मेरे साथ ऐसा किया गया। ये लोग मेरे समर्थकों को बिना वजह जेल भेज रहे हैं।’ याज्ञवल्क शुक्ला ने पूछा- अंचल के पास कहां से आए इतने पैसे? टिकट बेचने के आरोपों को लेकर हमने याज्ञवल्क शुक्ला से बात की। उन्होंने कहा, ‘अंचल कुमार बताएं कि किस माध्यम से मुझे पैसे दिए। कहां और कब मिले। इतना बड़ा ट्रांजेक्शन है तो उन्होंने जरूर मुझसे बात की होगी। पहले तो यह बताएं कि इतना पैसा उनके पास कहां से आया?’ अंचल का आरोप है कि आप दूसरे लोगों के जरिए संपर्क करते हैं। इसपर शुक्ला ने कहा, ‘ये कौन लोग हैं ये भी उनको बताना पड़ेगा। इस पर मैं ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहूंगा। ये बच्चों का चुनाव है। अपने-अपने हिसाब से सबको चुनाव लड़ना चाहिए।’ अंचल की जगह अनुष्का को उम्मीदवार क्यों बनाया? इस सवाल पर उन्होंने कहा, ‘हमारे एबीवीपी में हर निर्णय लेने के लिए एक टोली है। संचालन समिति में नाम आता है फिर कोर मेंबर उसका फीडबैक लेकर नाम तय करते हैं।’ क्यों एबीवीपी ने दो कैंडिडेट्स से कराया नॉमिनेशन? छात्र संघ चुनाव के लिए 18 फरवरी नॉमिनेशन करने का आखिरी दिन था। इसी दिन अनुष्का और अंचल दोनों ने नॉमिनेशन किया। दोनों को एबीवीपी ने उम्मीदवार बनाकर नॉमिनेशन कराया था। एबीवीपी के अनुसार अंचल का नॉमिनेशन इनवैलिड होने का डर था, इसलिए अनुष्का से भी नामांकन कराया गया। बाद में अंचल को हटाकर अनुष्का को एबीवीपी ने प्रत्याशी घोषित कर दिया। अब जानिए, किस तरह शुरू हुआ इमोशनल कार्ड विवाद 23 फरवरी की रात अनुष्का का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वह रोते हुए दिख रही थी। कहा, ‘मेरे चरित्र को लेकर बातें बनाई जा रही हैं। करैक्टर को लेकर टैग किया जा रहा है। लोग मेरे चरित्र पर उंगली उठा रहे हैं। मेरा पोस्टर फाड़ रहे हैं।’ वीडियो में अनुष्का ने कहा, ‘7 साल की थी तब पिता का निधन हो गया। मैंने पिता के बिना पूरा घर संभाला। आज पटना यूनिवर्सिटी में अध्यक्ष पद के लिए खड़ी हुई तो लोग परेशान कर रहे हैं।’
रेप तक की धमकी दी जा रही: अनुष्का इस मामले में हमने अनुष्का से बात की। उनसे पूछा कि आप पर इमोशनल कार्ड खेलने के आरोप लग रहे हैं। उन्होंने जवाब दिया, ‘मेरे साथ जो हो रहा है वह मैं लोगों को दिखा रही हूं। मुझे मानसिक रूप से बहुत प्रताड़ित किया जा रहा है।’ अनुष्का ने कहा, ‘मुझे रेप की धमकी दी जा रही है। मेरी मां को कॉल कर धमकी दी जा रही है। अगर सिर्फ सिंपैथी की बात होती तो मैं थाना जाकर सबूत के साथ केस दर्ज नहीं कराती।’ उन्होंने कहा, ‘जो लोग सिंपैथी लेने की बात कर रहे हैं उनके घर में भी मां-बहन हैं। वे भी जाकर ऐसा कर सिंपैथी ले सकते हैं। मेरे साथ ऐसी बातें हो रहीं हैं। मैं छात्र नेता हूं। कई लड़कियों के साथ ऐसा होता है। कई लोग खामोश हो जाते हैं, लेकिन मैं खामोश हो गई तो दूसरों की आवाज को मजबूती कैसे मिलेगी।’ पिछले चुनाव में सलोनी नाम की उम्मीदवार अपनी बातों के चलते फेमस हो गई थी। इसपर अनुष्का ने कहा, ‘सलोनी की तरह होने की बात नहीं है। सलोनी पर भी इसलिए उंगली उठाई गई थी कि वह लड़की थी। मुझे भी टारगेट किया जा रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘लड़कियां जब घर के दहलीज से बाहर निकलती हैं तो लोग उसे किसी भी तरह से आरोप लगाकर समाज की पुरानी जंजीर में बांध देना चाहते हैं। मैं पुरानी जंजीरों को तोड़कर आगे बढ़ना चाहती हूं। मैं डरने वाली नहीं हूं। आज मुझे हर तरफ से समर्थन मिल रहा है।’ विपक्षी उम्मीदवार बोलीं, धन बल के बाद भी भावुक होकर वोट मांग रही अनुष्का अध्यक्ष पद के लिए आईसा की उम्मीदवार सबा आफरीन ने अनुष्का पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, ‘पटना यूनिवर्सिटी के चुनाव में महिलाओं को सबसे ज्यादा अहमियत दी जाती है। महिलाओं तक विचारधारा पहुंचाना। वे क्या चाहती हैं। राजनीति में महिलाओं की भागीदारी कितनी होनी चाहिए। इन मुद्दों की कोई बात नहीं करता है।’


