बुंदेलखंड राज्य के गठन की मांग को लेकर बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने बुधवार देर शाम उरई जिला मुख्यालय पर मशाल जुलूस निकाला। मोर्चा के अध्यक्ष भानु सहाय के नेतृत्व में यह जुलूस टाउन हॉल से शुरू होकर शहर के प्रमुख चौराहों से गुजरा और गांधी चबूतरे पर समाप्त हुआ। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए राज्य गठन की मांग दोहराई। जुलूस में शामिल कार्यकर्ताओं ने सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। मोर्चा का कहना है कि बुंदेलखंड के विकास और समृद्धि के लिए अलग राज्य का गठन आवश्यक है। मोर्चा अध्यक्ष भानु सहाय ने बताया कि 16 फरवरी से आंदोलन के पहले चरण के तहत ‘बनवासी राम से राजा राम तक’ मशाल यात्रा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि जिस तरह भगवान राम ने वनवास में कठिन जीवन बिताया, उसी तरह आज बुंदेलखंड के गांव भी बदहाल हैं। उनका तर्क था कि जैसे रामराज्य में जनता खुशहाल थी, वैसे ही बुंदेलखंड को भी समृद्ध बनाने के लिए अलग राज्य जरूरी है। सहाय ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों से बुंदेलखंड के विकास और राज्य गठन के नाम पर केवल वोट लिए गए, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने दावा किया कि अलग राज्य बनने से क्षेत्र के संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन रुकेगा। मोर्चा अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगले चरण में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा, गंगाजल उठाकर संकल्प लिया जाएगा और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर धरना-प्रदर्शन सहित अन्य लोकतांत्रिक तरीकों से संघर्ष जारी रहेगा। इस मशाल जुलूस में बड़ी संख्या में मोर्चा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। पुलिस प्रशासन ने एहतियाती तौर पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका।


