मेरठ कपसाड़ कांड के आरोपी का केस भले ही जेजे बोर्ड में ट्रांसफर हो गया हो लेकिन उम्र से जुड़ी अड़चन अभी इस मामले से खत्म नहीं हुई है। वादी पक्ष ने यहां भी आरोपी की उम्र तय करने के लिए प्राइमरी के दस्तावेज तलब कराये जाने का मुद्दा उठा दिया है। बुधवार को प्रतिवादी पक्ष ने इसका अपोज किया। बोर्ड ने अब इस मामले में 6 मार्च की तिथि सुनवाई के लिए निर्धारित की है। आइए पहले जानें कपसाड़ कांड
मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र में कपसाड़ गांव है। यहां 8 जनवरी को खेत पर काम कर रही युवती रूबी का अपहरण कर लिया गया। आरोप गांव के ही युवक पर लगे, जिसने विरोध करने पर युवती की मां सुनीता को गंभीर रूप से घायल कर दिया। जहां बाद में उपचार के दौराल सुनीता की मौत हो गई। पुलिस ने अपहरण व हत्या का मुकदमा दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। दस्तावेजों में आरोपी निकला नाबालिग
आरोपी के जेल जाने के बाद खुलासा हुआ कि वह वारदात के वक्त नाबालिग था। तीन एडवोकेट संजीव राणा, बलराम सोम व विजय शर्मा के पैनल ने कोर्ट के समक्ष आरोपी की उम्र से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए मामले की सुनवाई जेजे बोर्ड में किए जाने की पैरवी की। एक माह में मामला जेजे बोर्ड ट्रांसफर
10 जनवरी को आरोपी जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया। 14 जनवरी को तीनों अधिवक्ताओं ने यह याचिका दायर की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया और वादी पक्ष को नोटिस जारी कर दिए। 7 सुनवाई तारीखों में दोनों पक्ष ने अपनी बात रखी। प्रतिवादी पक्ष की पैरवी मजबूत रही, जिसके बाद मामला जेजे बोर्ड ट्रांसफर कर दिया गया। 18 फरवरी को बोर्ड की प्रक्रिया शुरु
कपसाड़ मामले की सुनवाई के लिए बोर्ड ने पहली तिथि 18 फरवरी निर्धारित की। उस दिन आरोपी के पिता के बयान दर्ज हुए। हालांकि वादी पक्ष ने उसी दिन आरोपी की उम्र का मुद्दा उठा दिया और प्राइमरी के दस्तावेज से उम्र का मिलान कराए जाने की पैरवी की। क्योंकि एससी-एसटी कोर्ट के समक्ष यह मामला लंबित चल रहा था, इसलिए जेजे बोर्ड द्वारा इसे कंसीडर किया गया। बुधवार को प्रतिवादी ने दर्ज कराई आपत्ति
25 फरवरी यानि बुधवार को बोर्ड के समक्ष फिर सुनवाई हुई। इस बार प्रतिवादी पक्ष के एडवोकेट संजीव राणा, बलराम सोम व विजय शर्मा की तरफ से आपत्ति दर्ज कराई गई। उन्होंने बताया कि एससी-एसटी कोर्ट में वह सुप्रीम कोर्ट के रूलिंग के साथ उम्र का दस्तावेज उपलब्ध करा चुके हैं। हाईस्कूल की मार्कशीट इसमें पर्याप्त है, इसलिए आरोपी को जुबेनाइल मानते हुए केस की सुनवाई को हाईस्कूल सर्टिफिकेट के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। 6 मार्च की तिथि की गई निर्धारित
वादी पक्ष के उम्र का मुद्दा उठाए जाने के बाद आरोपी की उम्र से जुड़ा मामला एक बार फिर गर्म हो गया है। क्योंकि इसको लेकर एससी-एसटी कोर्ट ने भी टिप्पणी की थी, इसलिए जेजे बोर्ड ने अब इस पर 6 मार्च की तिथि निर्धारित की है। पुलिस ने भी अभी चार्जशीट दाखिल नहीं की है। ऐसे में माना जा रहा है कि तब तक चार्जशीट भी दाखिल कर दी जाएगी, जिससे मामले की स्थिति और ज्यादा स्पष्ट हो जाएगी। सरधना का कपसाड़ कांड एक नजर में : – 8 जनवरी को आरोपी ने मां की हत्या कर युवती को अगवा किया।
– 9 जनवरी की रात पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर युवती को बरामद कर लिया।
– 10 जनवरी को आरोपी को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
– 14 जनवरी को तीन एडवोकेट ने हाईस्कूल सर्टिफिकेट से जुड़ी रूलिंग के साथ आरोपी की तरफ से याचिका दायर की।
– 22 जनवरी को याचिका मंजूर हुई और कोर्ट ने वादी पक्ष के सभी लोगों को नोटिस जारी कर दिए।
– 31 जनवरी को वादी पक्ष ने बेसिक शिक्षा से जुड़े सर्टिफिकेट की रूलिंग लाने का दावा किया।
– 3 फरवरी को वादी पक्ष रूलिंग उपलब्ध नहीं करा पाया। कोर्ट ने 4 फरवरी तारीख दी।
– 4 फरवरी को वादी ने कक्षा 5 का सर्टिफिकेट जारी किया लेकिन उसमें भी आरोपी की जन्मतिथि हाईस्कूल के अनुसार 11-5-2008 ही मिली।
– 7 फरवरी को कक्षा चार का सर्टिफिकेट लाने की मांग की लेकिन ला नहीं पाए। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।
– 9 फरवरी को कोर्ट ने मामले को जेजे बोर्ड ट्रांसफर कर दिया।
– 18 फरवरी को जेजे बोर्ड में सुनवाई शुरु। वादी पक्ष ने उम्र का मुद्दा उठाया।
– 25 फरवरी को बोर्ड के समक्ष प्रतिवादी पक्ष ने अपोज किया।


